
जमशेदपुर : जमशेदपुर के बिष्टुपुर थाना परिसर स्थित मल्टीपर्पस हॉल में जमशेदपुर पुलिस की ओर से एक कार्यशाला का आयोजन किया गया. इस कार्यशाला में पुलिसकर्मियों ने झारखंड जुविनाइल एक्ट और 41ए सीआरपीसी एक्ट के बारे में जाना. इस दौरान मुख्य रूप से जमशेदपुर न्यायलय के वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव रंजन, एसएसपी डॉ एम तमिल वाणन, डीएसपी मुख्यालय 2 कमल किशोर, डीएसपी साइबर जयश्री कुजूर, सभी थाना के प्रभारी और बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारी मौजूद रहे. जेजे एक्ट के बारे में डीएसपी मुख्यालय 2 कमल किशोर ने बताया कि झारखंड में जेजे एक्ट 2017 में लागू किया गया था. साल 2021 में इसमें कुछ बदलाव किए गए है. (नीचे भी पढ़ें)

उन्होंने बाल कार्यशाला में मौजूद पुलिस पदाधिकारियों को बताया कि थाने में कोई भी मामला नाबालिग से जुड़ा होता है तो थाना के बाल कल्याण पदाधिकारी की जिम्मेदारी होती है कि वह नाबालिग उसकी देखरेख में रहे, सारी जवाबदेही बाल कल्याण पदाधिकारी की होती है. इसके अलावा नाबालिक के लिए कभी भी गिरफ्तार शब्द का प्रयोग नहीं करना है. (नीचे भी पढ़ें)
41ए सीआरपीसी के बारे में उन्होंने बताया कि कोई भी आरोप जिसमे 7 साल से कम की सजा का प्रावधान है उसमे गिरफ्तारी के पहले आरोपी को नोटिस भेजना जरूरी है. पुलिस नोटिस देकर आरोपी को थाने में बुलाएगी. उन्होंने बताया कि विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए भविष्य में और कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा.




