जमशेदपुर : अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद, जमशेदपुर की ओर से आगामी 26 जुलाई को बिष्टुपुर माइकल जॉन ऑडिटोरियम में प्रस्तावित कारगिल विजय दिवस सह शहीद सम्मान समारोह की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं. अपराह्न 3 बजे से आयोजित होनेवाले इस भव्य कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर परिषद की समीक्षा बैठक साकची में महामंत्री जितेंद्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित हुई, जिसमें कार्यक्रम की रूपरेखा, व्यवस्थाओं और विभिन्न दायित्वों की समीक्षा की गई. (नीचे भी पढ़ें)
महामंत्री जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि कारगिल विजय दिवस केवल एक ऐतिहासिक सैन्य विजय का प्रतीक नहीं, बल्कि यह भारतीय सैनिकों के अदम्य साहस, शौर्य और बलिदान की अमर गाथा है. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं में राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करना और देश की रक्षा में अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले वीर सैनिकों एवं उनके परिवारों को सम्मान देना है. उन्होंने बताया कि समारोह में कारगिल युद्ध में शामिल पूर्व सैनिकों, युद्ध में घायल वीर जवानों और शहीद सैनिकों की वीर नारियों को विशेष रूप से आमंत्रित किया जा रहा है. इसके अलावा शहर के प्रमुख व्यवसायी, उद्योगपति, अधिवक्ता, चिकित्सक, अभियंता, शिक्षाविद् और अन्य प्रबुद्ध नागरिकों को भी कार्यक्रम में सहभागिता के लिए आमंत्रित किया जा रहा है. कार्यक्रम में जिला प्रशासन के अधिकारी, विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी तथा शामिल होंगे. (नीचे भी पढ़ें)
बैठक में सदस्यों के बीच कार्यक्रम की जिम्मेदारियां भी बांटी गईं. इसमें विशिष्ट सम्मान समारोह एवं अतिथि संबोधन की जिम्मेदारी जितेंद्र कुमार सिंह और अवधेश कुमार को दी गई. सम्मान समारोह का दायित्व दीपक शर्मा एवं मनोज कुमार सिंह संभालेंगे. सांस्कृतिक कार्यक्रम का संयोजन उमेश शर्मा एवं उनकी टीम करेगी, जबकि साज-सज्जा की जिम्मेदारी सत्येंद्र सिंह, गौतम लाल सहित अन्य सदस्यों को दी गई है. उन्होंने शहर के सभी गणमान्य नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर शहीदों और सैनिकों के सम्मान में आयोजित इस कार्यक्रम को सफल बनाएं. बैठक में मुख्य रूप से जितेंद्र कुमार सिंह, रमेश प्रसाद, मनोज कुमार सिंह, सत्येंद्र कुमार सिंह, अवधेश कुमार, अजीत कुमार झा, गौतम लाल, किशोर प्रसाद, सिद्धनाथ कुमार, प्रकाश पटेल, संजय तिवारी सहित परिषद के कई सदस्य उपस्थित थे.




