जमशेदपुर : जमशेदपुर के कदमा स्थित केरला पब्लिक स्कूल में गुरुवार (1 अक्टूबर) को ‘लेट्स मेक अ डिफरेंस’ (एलएमएडी) यूथ कॉन्फ्रेंस के 26वें संस्करण का भव्य शुभारंभ हुआ. देश भर के विभिन्न प्रतिष्ठित विद्यालयों से आए करीब 300 विद्यार्थियों ने इस सम्मेलन में हिस्सा लिया. कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में कॉन्फ्रेंस के निदेशक वायरल मजूमदार (वायरल भाई) ने सभी प्रतिभागियों का आत्मीय स्वागत किया और उन्हें संस्था के उद्देश्यों तथा मूल विचारों से रूबरू कराया. उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में ‘क्वाइट टाइम’ (शांत समय) के महत्व के बारे में विस्तार से समझाया और सभी को प्रतिदिन कुछ समय एकांत में स्वयं के साथ बिताने तथा आत्ममंथन करने के लिए प्रेरित किया. (नीचे भी पढ़ें)

प्रातःकालीन सत्र के बाद सभी प्रतिभागी अपने-अपने आवंटित ‘फैमिली ग्रुप्स’ में शामिल हुए, जहाँ पहला ग्रुप संवाद आयोजित किया गया. इस सत्र में विद्यार्थियों ने एक-दूसरे से अपना परिचय कराया और सम्मेलन को लेकर अपनी अपेक्षाएँ व विचार साझा किए. इसके उपरांत “द वैल्यूज कन्वर्सेशन” विषय पर एक बेहद रोचक व संवादात्मक सत्र का आयोजन हुआ. वायरल भाई ने एलएमएडी के चार आधारभूत मूल्यों—ईमानदारी, पवित्रता, निःस्वार्थता और प्रेम पर गहराई से चर्चा की. सत्र के दौरान कुछ स्वयंसेवकों ने भी इन चार नैतिक मूल्यों से जुड़े अपने व्यक्तिगत जीवन के संस्मरण और कहानियाँ विद्यार्थियों के साथ साझा कर उनका मार्गदर्शन किया. अपरान्ह भोजन के बाद सभी आठ फैमिली ग्रुप्स में एक बार फिर लंबे और आत्मीय विचार-विमर्श का दौर चला, जहाँ विद्यार्थियों ने चारों मूल्यों के आलोक में अपनी व्यक्तिगत भावनाओं और अनुभवों को खुलकर सामने रखा. इन चर्चाओं ने प्रतिभागियों को खुद को गहराई से समझने और जीवन में नैतिक मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा दी. इसके बाद आयोजित विशेष सत्र में निदेशक वायरल मजूमदार ने ‘एकाग्रता’ (कंसंट्रेशन) पर व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान किया. उन्होंने स्पष्ट किया कि एकाग्रता केवल शिक्षा या पढ़ाई तक सीमित नहीं है, बल्कि खेल, करियर, पेशेवर कार्य और व्यक्तिगत संबंधों को प्रगाढ़ बनाने में भी इसकी अहम भूमिका होती है. (नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने एकाग्रता बढ़ाने के कई कारगर व व्यावहारिक उपाय भी बताए. सम्मेलन के सफल संचालन में देश के विभिन्न हिस्सों से आए तथा स्थानीय समन्वयकों राजीव अग्रवाल, श्रद्धा अग्रवाल, भीषम, सोनू, विजय राणे व भार्गवी की सराहनीय भूमिका रही. वहीं स्थानीय टीम में संगीता सरकार, सुमन, सायोक, कौशिक, निशांत, पी. विद्या, बिद्याश्री, आर्यन, जीत, शिवांगी, बिपाशा, माहिका, हुज़ैफ़ा, शीतल, दानिश, सोमय, प्रभजोत, सोनाक्षी और अपराजिता ने भी पूरे समर्पण के साथ योगदान दिया. दिनभर चले इन प्रेरणादायक और आत्ममंथन से भरे सत्रों के साथ यूथ कॉन्फ्रेंस के पहले दिन का समापन हुआ, जिसने युवाओं में सकारात्मक बदलाव और आत्म-विकास की एक नई अलख जगाई.




