जमशेदपुर : जमशेदपुर में क्षत्रिय समाज के लोगों पर प्रशासन की ओर से की जा रही कार्रवाइयों को लेकर शहर के क्षत्रिय समाज में खलबली मच गयी है. शहर के अनेक क्षत्रिय संगठनों के नेताओं के साथ ही जमशेदपुर पूर्व के विधायक सरयू राय की पार्टी के नेता कार्यकर्ता इसको लेकर सक्रिय हो गये हैं. अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के प्रदेश संरक्षक चंद्रगुप्त सिंह, झारखंड क्षत्रिय संघ के अध्यक्ष शंभु सिंह के नेतृत्व में समाज के गणमान्य लोगों ने गुरुवार को भाजपा नेता विकास सिंह एवं कांग्रेस नेता पप्पू सिंह के घर जाकर उनके परिजनों से मुलाकात की एवं कथित रूप से स्थानीय विधायक सह मंत्री बन्ना गुप्ता की शह पर दोनों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई की जानकारी ली. बाद में सभी ने उपायुक्त से मुलाकात कर उन्हें स्थिति की जानकारी देते हुए पीड़ित परिवारों को हर संभव सहयोग प्रदान करने की बात भी कही. इस अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि क्षत्रिय समाज पर हो रहा जुल्म बंद नहीं हुआ तो स्थिति बिगड़ने की चेतावनी भी दी और कहा कि इसकी सारी जिम्मेवारी प्रशासन की होगी. (नीचे भी पढ़ें)

इस मौके पर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के प्रदेश संरक्षक चन्द्रगुप्त सिंह, प्रदेश महामंत्री समरेश सिंह, जिला महामंत्री अमित सिंह परमार, जिला उपाध्यक्ष रौनक सिसोदिया, रवि राजू, सौरभ राहुल सिंह, जिला मंत्री अमर सिंह,विशाल सिंह, रंजन सिंह, रमेश राजू, आदित्यपुर नगर अध्यक्ष रितेश सिंह, बिनय सिंह, झुन्ना सिंह, संतोष सिंह, श्रीकांत सिंह, शुभम सिंह, अभय सिंह, पवन सिंह, विवेक सिंह आदि सहित अनेक लोग उपस्थित रहे. इससे पूर्व सभी महाराणा प्रताप चौक पर जुटे, जहां महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया, जिसके बाद सभी विकास सिंह व पप्पू सिंह के परिजनों से मिलने गये. (नीचे भी पढें)
झारखंड क्षत्रिय संघ के अध्यक्ष शंभु सिंह ने कहा कि पप्पू सिंह या विकास सिंह आतंकवादी नहीं, वे समाज की सेवा करते हैं, किन्तु पुलिस उन्हें व उनके परिजनों को जैसे परेशान कर रही है, उससे उसकी कार्यशैली सवालों के घेरे में आ गई है. उन्होंने इस संबंध में डीसी व डीजीपी को भी मांगपत्र सौंप कर ये कार्रवाई रोकने की मांग करने की घोषणा भी की. उन्होंने कहा कि हर किसी को कानून के दायरे में रहकर काम करना चाहिये, चाहे पुलिस हो या कोई नेता. उन्होंने विगत छठ पर्व के दौरान सरयू राय की पार्टी भाजमो के कार्यकर्ताओं के साथ हुई मारपीट के मामले पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी एवं कहा कि उस मामले में अब तक जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई है, जो निश्चित ही पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े करता है.


