जमशेदपुर : जियाइया दारुल किरात मदरसा में वार्षिक उर्स मुजाविद आजम हिंद व जशन ए हिफ्ज व किरात का आयोजन 18 दिसंबर को सुबह के 9 बजे से गरीब नवाज कॉलोनी रोड नंबर 3 में होगा। यह जानकारी कारी असलम रब्बानी फाउंडर चेयरमैन मदरसा, अलहाज हाजी रजी नौशाद, समाजसेवी मुख्तार आलम खान और मदरसा के सचिव जनाब सोहैल खान ने संयुक्त रूप से दी। वे यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया के उर्स 18 दिसंबर को सुबह के 9 बजे से शुरू होगा और दोपहर 2:40 बजे कुल शरीफ और लंगर बांट कर कार्यक्रम का समापन किया जायेगा। समारोह में 17 बच्चों की दस्तारबंदी की जाएगी। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में कोलकाता से अल्लामा मौलाना प्रोफेसर सज्जाद आलम मिस्बाही कोलकाता यूनिवर्सिटी, अल्लामा रोशन जमील, अल्लामा मुफ्ती ताजुद्दीन मिस्बाही, अल्लामा मुफ्ती खालिद हुसैन मिस्बाही, मौलाना कमरुद्दीन मिस्बाही, मौलाना शाहबाज मिस्बाही, कारी इम्तियाज आलम, कारी इस्माइल संबलपुर, शायर-ए-इस्लाम सरफराज उल्फत, बुलबुले बाग-ए-मदीना आसिफ राजा सैफी के अलावा मशहूर मुकर्रिर और नात खान शामिल होंगे। (नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में आंखों से नबीना मोहम्मद अशरफ रजा को सम्मानित किया जायेगा। वह बड़बिल के रहने वाले हैं। उनके पिता मो असलम खान एक ड्राइवर हैं। मोहम्मद अशरफ राजा पिछले 5 साल से मदरसा जियाइया दारुल किरात में पढ़ रहे हैं। इन्होंने कुरान शरीफ हिफ्ज़ करने के बाद किरात हिफ्ज का कोर्स किया। फिर किरात-ए-सुबह का कोर्स इस साल पूरा किया। खुशी की बात है के नबीना होने पर हिंदुस्तान में कुछ लोग ही इस तरह के कोर्स कर पाते हैं। कारी असलम रब्बानी खुद इनको तिलावत की तालीम देते थे। उसी का नतीजा है के आज अशरफ रजा इस मुकाम पर पहुंचे हैं। संवाददाता सम्मेलन में मुफ्ती सफायत नूरी मिस्बाही, कारी अमजद जियाइया, कारी शागिर अहमद जियाइया और कारी इमरान जियाइया समेत अन्य उपस्थित थे।




