

जमशेदपुर : लॉकडाउन के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों में काफी लोग फंसे हुए है. आपको बता दे कि कश्मीर के कुपवाड़ा के लगभग 250 लोग झारखंड के जमशेदपुर में भी फंसे हुए है. सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज और प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन मार्कंडेय काटजू ने ट्विटर के जरिए मामले को सामने लाया. इसको री-ट्वीट करते हुए वासिम रजां नामक व्यक्ति ने झारखंड पुलिस के संज्ञान में मामले को लाया. इसके तुरंत बाद झारखंड पुलिस ने जमशेदपुर के एसएसपी अनूप बिरथरे को मामले की जांच के आदेश दिए है. ट्वीट के जरिए कहा गया है कि इन सभी व्यक्तियों को खाने के लिए भी समस्या उत्पन्न हो रही है. हालाँकि, यह कोई नया मामला नही है जब कि इस लॉकडाउन के दौरान लोगों को खाने पीने की दिक्कत आ रही है. जहाँ तक सम्भव हो पा रहा है प्रशासन द्वारा लोगो को सहायता भी पहुंचायी जा रही है. ज्ञात हो कि जमशेदपुर के लोग भी देश के अलग अलग इलाको में फसें हुए है. इसके साथ ही चाकुलिया प्रखंड से जारी लिस्ट के अनुसार कुल 141 लोग प्रखंड से बाहर फसें हुए है. वैसे जहाँ तक काश्मिरियो की बात है तो ये हर साल जमशेदपुर सहित अलग अलग जगहों पर जाते है और जीवन के लिए अपना व्यवसाय करते है. आम तौर पर ये घूम घुम कर कपड़ा बेचने का काम करते है. जिस से की इनका गुजरा चल सके. इस लॉक डाउन के दौरान उनका परेशान होना लाजमी है क्योकि उनका व्यवसाय पुरी तरह से ठप पड़ गया है. वैसेे यह भी जानकारी मिली है कि झारखंड के करीब 8 लाख मजदूर देश के विभिन्न हिस्से में फंसे हुए है. उन लोगों को भी लाना चुनौती है. भाजपा जैसे मुख्य विपक्षी पार्टियों के लोग लगातार परेशान है और आंदोलन भी कर चुके है.







