जमशेदपुर: जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल की इमरजेंसी में सोमवार दोपहर आजाद बस्ती की रहने वाली 23 वर्षीय मुस्कान खातून की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया. करीब साढ़े तीन बजे शुरू हुआ हंगामा लगभग आधे घंटे तक चला. परिजनों का आरोप था कि अस्पताल में वेंटिलेटर की सुविधा नहीं होने के कारण मुस्कान की जान नहीं बचाई जा सकी. उनका कहना था कि मरीज की हालत पहले से गंभीर थी. आर्थिक तंगी के कारण उसे टीएमएच से एमजीएम अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने वेंटिलेटर की जरूरत बताई, लेकिन अस्पताल में वेंटिलेटर उपलब्ध नहीं था. (नीचे भी पढ़ें)
परिजनों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि 400 करोड़ रुपये की लागत वाले इतने बड़े अस्पताल में यदि एक भी वेंटिलेटर नहीं है, तो गरीब मरीजों का इलाज कैसे होगा. सूचना मिलने पर होमगार्ड के जवान मौके पर पहुंचे और समझा-बुझाकर परिजनों को शांत कराया. बताया गया कि मुस्कान खातून की शादी करीब आठ महीने पहले मुसाबनी में हुई थी. उसकी मौत के बाद अस्पताल परिसर में उसकी मां का रो-रोकर बुरा हाल था.




