
जमशेदपुर : जमशेदपुर में जिला प्रशासन के तमाम कोशिशों के बाद भी अपराधी बेलगाम हैं. वहीं मुख्यमंत्री शहर में हैं और ताजा घटना उन्हीं के थाना क्षेत्र का है. जहां सीतारामडेरा थाना क्षेत्र में बेखौफ अपराधियों ने झारखंड सिख प्रतिनिधि बोर्ड के अध्यक्ष गुरचरण सिंह बिल्ला को निशाना बनाते हुए अंधाधुंध तीन गोलियां मार दी. वैसे एक गोली गुरचरण सिंह बिल्ला के सर को छूती हुई निकल गई, जबकि दूसरी गोली हाथ में और तीसरी गोली उनके पीठ में लगी है. उधर गोली की आवाज सुनते ही स्थानीय लोग उनकी तरफ लपके और आनन फानन में उन्हें ईलाज के लिए टाटा मुख्य अस्पताल पहुंचाया जहां उनका ईलाज चल रहा है. वैसे अस्पताल सूत्रों के अनुसार गुरचरण खतरे से बाहर हैं. बताया जाता है कि रोज की तरह शनिवार सुबह भी गुरचरण घर से गुरुद्वारा के लिए निकले थे, इसी बीच पहले से घात लगाए छः की संख्या में अपराधियों पर उनकी नज़र पड़ी और वे संभावित खतरे को भांपते हुए उनकी तरफ लपके, इसी बीच बेखौफ अपराधियों ने उनपर तीन गोलियां दाग दीं. उधर घटना की सूचना मिलते ही सिटी एसपी दलबल के साथ टाटा मुख्य अस्पताल पहुंचे और घटना का जायजा लिया. वहीं उन्होंने जल्द ही अपराधियों की गिरफ्तारी का दावा किया है. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की तफ्तीश में जुट गई है. घायल बिल्ला पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्याकांड का आरोपी रहा है, जिसको कुछ साल पहले कोर्ट ने बरी कर दिया था. सिख समाज की राजनीति में श्री बिल्ला भाग लेते रहे हैं और श्री बिल्ला गोलमुरी दस नम्बर बस्ती गुरुद्वारा के प्रधान भी रह चुके हैं. वैसे चुनाव और राम मंदिर के फैसले को लेकर जिला पुलिस खुद को अलर्ट होने का दावा करती है, लेकिन अहले सुबह जिस तरह से गोली चालन की घटना को अंजाम देकर बेखौफ अपराधी आराम से निकल गए उससे पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठना लाजिमी है.



