
जमशेदपुर : जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो ने मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति से मुलाकात के संबंध में बताया कि मंगलवार को वे लोग अर्थात आजसू से गिरिडीह के सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी, गोमिया के विधायक लंबोदर महतो एवं पुरुलिया से भाजपा सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो एक साथ गए थे. वहां पर सभी लोगों ने अपने-अपने क्षेत्रों का मामला अलग-अलग उठाया. आजसू के लोगों ने अपने विषय को रखा जबकि पश्चिम बंगाल के सांसद ने बंगाल से संबंधित मुद्दों को राष्ट्रपति के समक्ष रखा. जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो ने बताया है कि उन्होंने अपने राज्य एवं लोकसभा क्षेत्र के तीन प्रमुख मुद्दों पर अपनी बात रखी एवं एक ज्ञापन भी उन्हें समर्पित किया, जिनमें से झारखंड में नक्सलवाद और उग्रवाद की समस्या, जमशेदपुर लोकसभा के दंडक्षत्र (मांझी), माल जाति एवं पुरान जाति को क्रमशः अनुसूचित जाति एवं जनजाति में शामिल करने का मामला एवं वर्तमान में चल रही जनगणना के लिए कुड़माली भाषा के लिए जनगणना के कॉलम में अलग से भाषा कोड निर्धारित करने की मांग शामिल थी. इसके अतिरिक्त किसी अन्य विषय पर जमशेदपुर के सांसद ने कहा है कि उनसे कोई वार्ता नहीं हुई है. उन्होंने भोजपुरी और मगही भाषा का विरोध नहीं किया है. आपको बता दें कि राष्ट्रपति से हुई मुलाकात के दौरान सांसदों ने मगही और भोजपुरी का विरोध किया था. यह खबरें आने के बाद जमशेदपुर के सांसद का विरोध शुरू हो गया. इसके बाद माहौल गर्मा गया, जिसके बाद सांसद को यह सफाई देनी पड़ी है.







