जमशेदपुर : मानगो के ओलीडीह थानांतर्गत पिछले 18 अगस्त को बैंक ऑफ इंडिया की डिमना शाखा में डकैती एवं इसी वर्ष बिष्टुपुर थाना क्षेत्र में छगनलाल ज्वेलर्स के कर्मचारी से 32 लाख रूपये की लूट कांड का जमशेदपुर पुलिस ने उद्भेदन करते हुए अंतराज्यीय लुटेरा गिरोह का पर्दाफाश किया है. साथ ही पुलिस ने इस गिरोह के दो सदस्यों (अभियुक्तों) को गिरफ्तार किया है. यह जानकारी जिले के एसएसपी प्रभात कुमार ने दी. उन्होंने बताया है कि इस मामले में उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर एक अभियुक्त रिंकू कुमार को पूर्व में ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है. जबकि अनुसंधान के क्रम में पिछले 13 सितंबर को बैंक डकैती कांड में संलिप्त अभियुक्त घटना कारित करने के लिये प्रयुक्त कन्टेनर के चालक भागवत ठाकुर एवं घटना में संलिप्त सह अपराधी खगेन्द्र नारायण सिंह उर्फ संतोष उर्फ सोनू उर्फ खटिक को गिरफ्तार किया गया है. (नीचे भी पढ़ें व वीडियो देखें)
कांड में लूटे गये रुपयों एवं आभूषणों की बरामदगी एवं कांड में संलिप्त अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापामारी कर रही है. इसके साथ ही अन्य बिन्दु पर भी अनुसंधान जारी है. उन्होंने बताया कि यह एक अंतर्राजीय गिरोह है. इस गिरोह के द्वारा झारखण्ड राज्य के अलावा देश के अन्य राज्यों जैसे राजस्थान, बिहार, पश्चिम बंगाल में भी बैंक डकैती एवं लूट की घटना को अंजाम दिया गया है. पुलिस ने घटना में प्रयुक्त दो मोटरसाइकिल, कन्टेनर गाड़ी(W815A-6027), मोबाइल फोन, 5950 रुपये नगद आदि बरामद किया है. (नीचे भी पढ़ें व वीडियो देखें)
बैंक डकैती के संबंध में बैंक के वरीय शाखा प्रबंधक चांदी राहुल कुमार ने टंकित आवेदन के आधार पर अज्ञात डकैतों के विरुद्ध बैंक से 33 लाख 68 हजार 890 रुपये नगद एवं 41 सील बंद पैकेट में कुल 2,324 76 ग्राम स्वर्ण आभूषण, जिसका कुल मूल्य 1 करोड़ 12 लाख 11 हजार 868 डकैती करने के आरोप में मानगो उलीडीह थाना में मामला दर्ज कराया था. घटना के उदभेदन के लिए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार पुलिस अधीक्षक (नगर) महोदय के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था. इस टीम के द्वारा राज्य एवं राज्य के बाहर अनेकों स्थान पर साक्ष्य का संकलन करते हुए कांड के उदभेदन में सफलता प्राप्त की गयी है. पूछताछ के क्रम में अप्राथमिकी अभियुक्तों द्वारा बताया गया है कि इस गिरोह का मुख्य सरगना राजीव सिंह उर्फ पुल्लु बिहार के पटना के आदर्श नगर बेउर जेल में बंद है. उसके द्वारा जेल से ही अपने संगठित गिरोह के माध्यम से घटना को अंजाम दिया गया है.






