जमशेदपुर : जमशेदपुर के एसएसपी कार्यालय में पदस्थापित कांस्टेबल सविता रानी हेंब्रम, उसकी 13 साल की बेटी और उसकी मां की हत्या के मामले में स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) का गठन कर दिया गया है. इसके अलावा डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक एक्सपर्ट को भी लगा दिया गया है. पूरे इलाके को सील कर जांच शुरू कर दी गई है. एसआईटी का गठन सिटी एसपी के नेतृत्व में किया गया है. इसकी जानकारी देते हुए एसएसपी प्रभात कुमार ने बताया कि सभी मृतकों के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है. इसके लिए मजिस्ट्रेट प्रतिनियुक्त किए गए हैं. पोस्टमार्टम का वीडियोग्राफी कराया जा रहा है. उन्होंने बताया कि हत्याकांड मामले को लेकर 6 लोगों को हिरासत में लिया गया है. इनसे पूछताछ की जा रही है. उन्होंने बताया कि पारिवारिक विवाद और प्रेम प्रसंग से जोड़कर इस पूरे मामले का अनुसंधान किया जा रहा है. बताया जा रहा है कि मृतक कांस्टेबल की नौकरी अनुकंपा पर हुई थी. उनके पति पूर्व में पुलिस विभाग में ही पदस्थापित थे. गौरतलब है कि बीती रात गोलमुरी पुलिस लाइन के स्टाफ क्वार्टर से कांस्टेबल और उनकी मां और उसकी बेटी का शव बरामद किया गया था. घर के बाहर ताला लगा हुआ था. इस घटना के बाद पूरे पुलिस महकमे में सनसनी फैल गई है. लोगों के जुबान पर तरह-तरह की चर्चाएं सुनी जा रही है. (नीचे देखे वीडियो और पूरी खबर)
हत्या कि वजह को लेकर दो बिंदुओं पर टिकी जांच
कांस्टेबल सबिता हेम्ब्रम समेत बेटी गीता हेम्ब्रम , और मां लखिया मूर्मू की हत्या के मामले में पुलिसिया जांच प्रथ दृष्ट्या अब दो एंगलों पर टिक गई है. पहला एंगल अनुकंपा की नौकरी को लेकर पारिवारिक विवाद और दूसरा प्रेम संबंध. पुलिस ने इन दोनों एंगलों पर वैज्ञानिक तरीके से अनुसंधान शुरू कर दिया है. एसएसपी प्रभात कुमार ने बताया कि इस मामले में अब तक प्रेमी, परिजन समेत छह लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. हिरासत में लिये गये लोगों में देवर भी शामिल है, जिसको पहले नौकरी देने को लेकर ससुरालवाले दबाव बना रहे थे. एसएसपी प्रभात कुमार ने कहा कि फिलहाल कोई निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी. पुलिस ने इस मामले में एसएसपी के वाहन चालक को भी हिरासत में लिया है, जो उसका प्रेमी बताया जा रहा है. (नीचे देखे पूरी खबर)

पुलिस लाइन से शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया
वहीं पुलिस लाईन स्थित कांस्टेबल सबिता के फ्लैट से तीनों लाशें निकाली गईं जिससे पूरा क्षेत्र गमगीन हो गया. बहन रानू मार्डी का रो-रोकर बुरा हाल था. शार्प भारत से बात करते हुए बहन ने बताया कि सबिता का ससुराल आना जाना नहीं होता था. हालांकि बीती रात बहन ने मीडिया से बातचीत में खुलकर सबिता की अनुकंपा की नौकरी को लेकर ससुराल में हुए विवाद की बात कही थी, मगर आज दबी जुबान में सिर्फ इशारा किया. हत्या के दिन बहन ने बताया था कि सबिता के पति की नक्सलियों ने हत्या कर दी थी जिसके दो साल बाद सबिता ने अनुकंपा पर नौकरी प्राप्त की और सात आठ सालों से वह नौकरी कर रही थी. इसको लेकर सास नाराज़ थी और वह अपने बेटे को ये नौकरी देना चाहती थी, मगर बाद में सास की भी मौत हो गई थी. लेकिन इस घटना के अलावे प्रेम का भी एंगल सामने आ रहा, जिस वजह से संभवतया बहन ससुरालवाले विवाद पर अब खुलकर नहीं बोल रही है. बागबेड़ा की रहने वाली बहन रानू मार्डी ने बताया कि दो दिनों से ड्यूटी पर न आता देख सहकर्मी मित्रों ने बहन को पूछा जिसके बाद बहन ने फोन किया और कोई जवाब न मिलने पर खोजबीन शुरू हुई. उधर मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में त्रिसदस्यीय मेडिकल टीम ने वीडियोग्राफी के साथ तीनों के शव का पोस्टमार्टम किया. (नीचे देखे वीडियो और पूरी खबर)

क्या है घटना
बीती रात यानि गुरूवार की रात जमशेदपुर के गोलमुरी स्थित पुलिस लाईन के फ्लैट में कांस्टेबल सबिता, बेटी गीता हेंम्ब्रम और मां लखिया मूर्मू की लाशें मिली, जिससे सभी सन्न रह गए. चाकू या किसी चीज़ से तीनों की हत्या कर दी गई. हत्यारा बाहर से दरवाज़ा बंद करके चला गया. दो दिनों तक ड्यूटी न आने पर दोस्तों और फोन न उठाने पर परिजनों ने खोजबीन शुरू की, तब ये मंज़र सामने आया. घटना की सूचना पर एसएसपी प्रभात कुमार और वरीय पदाधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए थे. वहीं रांची से एफएसएल की टीम आधी रात को पहुंची.
डुमरिया में नासुस का सदस्य था, डॉ अरुण उरांव ने एसपी के तौर पर दिलवायी थी नौकरी
डुमरिया के कुदुरसाई के रहने वाले कैलाश हेम्ब्रम के साथ सबिता हेम्ब्रम की शादी हुई थी. कैलाश पहले नागरिक सुरक्षा समिति (नासुस) का सदस्य था. नक्सल विरोधी अभियान चलाने के लिए कई लोगों की पुलिस में बहाली हुई थी. कैलाश हेम्ब्रम की भी बहाली उसी में हुई थी. तत्कालीन एसपी डॉ अरुण उरांव ने कई लोगों की बहाली करायी थी, जिसमें कैलाश की भी बहाली हुई थी. 14 साल पहले कैलाश के साथ सबिता की शादी हुई थी. लेकिन बाद में नक्सलियों ने मिलकर कैलाश की हत्या कर दी थी.
13 जुलाई को था सबिता की बेटी का जन्मदिन
सबिता ने अपनी बेटी गीता का जन्म दिन 13 जुलाई को गोलमुरी पुलिस लाइन के फ्लैट में मनाया था. गीता साकची स्थित डीएसएम स्कूल की कक्षा सातवी की छात्रा थी. वह पढ़ने-लिखने में तेज थी. उसकी बेटी ने अगल-बगल के लोगों तथा अपने कुछ दोस्तों को बुलाया था.
तीन की हत्या हो गई किसी को भनक तक नहीं लगी
गोलमुरी पुलिस लाइन परिसर जैसे अति सुरक्षित जगह में महिला पुलिसकर्मी, उसकी पुत्री और मां की हत्या हो गई और इसकी भनक किसी को नहीं लगी. विशेष कर फ्लैट के बगल में रहने वाले पड़ोसियों को भी इसकी भनक नहीं लगी. यह आश्चर्य की बात है जिस किसी ने भी हत्या की. उसने एक साथ तो तीनों की हत्या नहीं की होगी. हत्या के प्रतिरोध को लेकर हल्ला-गुल्ला और धक्का-मुक्की भी हुए होंगे. अगर ऐसा नहीं हुआ तो खाने में बेहोशी की दवा मिला दी गई होगी और आराम से हत्या को अंजाम देकर हत्या करने वाला बाहर निकल गया. ताला लगाया और चलते बना. सबिता की मोबाइल से भी कई राज खुल सकते है. उसका काल डिटेल निकालने को पुलिस प्रयासरत है. शक और संभावना पर पुलिस के अनुसंधान जारी है.






