रांची : राष्ट्रपति चुनाव में यूपीए प्रत्याशी यशवंत सिन्हा को अपने ही घर से बेआबरु होना पड़ा. राष्ट्रपति चुनाव में झारखंड से झामुमो ने तो द्रौपदी मुर्म को समर्थन देने की बात कही थी परंतु कांग्रेस प्रत्याशियों का वोट यशवंत सिन्हा को जाना तय था किन्तु झारखंड में चुनाव के दौरान इतना बड़ा उलटफेर होगा, इसका अनुमान किसी को नहीं था. झारखंड राज्य में विधानसभा में कुल 81 सदस्य है, जिसमें से 80 विधायकों ने अपने मताधिकार का उपयोग करते हुए मतदान किया जिसमे से 1 वोट अवैध पाया गया. इस प्रकार 79 मत वैध पाए गए. अगर बात करें झामुमों के विधायकों की तो उनकी संख्या 30 है. भाजपा के 26 विधायक है. कांग्रेस के 18 एवं निर्दलीय व अन्य के खातों में 6 सीटें है. पार्टी गत बात करें तो कांग्रेस, राजद और भाकपा माले को मिलाकर यूपीए के पास कुल 20 विधायकों का मत यशवंत सिन्हा को मिलना तय माना जा रहा था परन्तु जो परिणाम सामने आए है वह चौकाने वाले है. जानकारी के अनुसार झारखंड प्रदेश में बड़ा उलटफेर हुआ है और यूपीए के प्रत्याशी यशवंत सिन्हा को मजह 9 वोटों से संतोष करना पड़ा है. 10 विधायकों ने क्रास वोटिंग की और एक विधायक का वोट अवैध घोषित हुआ. इन 19 में से एक वोट भाकपा माले का है. भाकपा माले से यह आशा नहीं की जा सकती है कि उसके विधायक पार्टी लाइन से अलग जाएंगे. यूपीए को राज्य से मात्र 9 वोट हासिल होना इस बात के संकेत है कि कांग्रेसी खेमे में क्रास वोटिंग हुई है. इस मामलें में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि मुझे इसी बात की जानकारी अभी-अभी हुई है. किन परिस्थितियों के कारण ऐसी स्थिति निर्मित हुई है, इसकी जानकारी लेने का प्रयास करुंगा. क्रास वोटिंग करने वालों पर पार्टी स्तर पर कार्रवाई की जाएगी.






