जमशेदपुर / दिल्ली : राष्ट्रीय परशुराम परिषद की युवा शाखा परशुराम स्वाभिमान सेना द्वारा जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय (जेएनयू) के दीवारों पर लिखी गयी आपत्तिजनक और उत्तेजित नारे “ब्राहमण भारत छोड़ो” आदि के विरोध में प्रदर्शन किया गया. प्रदर्शन के उपरांत परशुराम स्वाभिमान सेना का एक प्रतिनिधिमंडल शांतिमार्च करते हुए गृहमंत्री अमित शाह के आवास पहुंचकर दोषियों के खिलाफ कठोर से कठोर कार्यवाही की मांग को लेकर ज्ञापन सौपा. राष्ट्रीय परशुराम परिषद के संस्थापक संरक्षक पंडित सुनील भराला, नि. अध्यक्ष राज्यमंत्री श्रम कल्याण परिषद उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा कि जेएनयू की दीवारों पर “ब्राह्मण बनिये भारत छोडो’ लिखकर समस्त हिन्दू समाज को ललकारा गया है. राष्ट्रविरोधी तत्त्वों द्वारा किये गये ऐसे कार्यों से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि वह ब्रह्मण समाज से खौफ में है और पूरी तरह भयभीत भी है. जब ब्रह्मणों के खिलाफ मुगल शासको का अत्याचार अपने चरम पर था काफी हिन्दू उनके प्रताड़ना से धर्म परिवर्तन करने को मजबूर हो गये थे तब ब्राह्मण समाज ने मुग़ल के खिलाफ विद्रोह का बिगुल फूका था. (नीचे भी पढ़ें)
वर्तमान समय में कुछ राष्ट्रविरोधी तत्वों के अन्दर वही मुग़ल वाली शक्ति उभर रही है जिससे इनके द्वारा “ब्राह्मण बनिये भारत छोड़ो’ जैसे नारे जेएनयू के दीवारों पर लिखे जा रहे हैं. परशुराम स्वाभिमान सेना द्वारा ऐसे राष्ट्रविरोधी तत्वों को मुहतोड़ जवाब देना होगा. भाजपा सरकार सभी जाति समाज धर्म को साथ लेकर चलती है, ब्राह्मण समाज समस्त हिन्दुओ की रक्षा करता है, भाजपा सरकार ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही कराएगी, ब्राह्मणों की अस्मिता को भाजपा सरकार चोट नहीं पहुचने देगी. परशुराम स्वाभिमान सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित अजय भारद्वाज ने अपने संबोधन में कहा कि विगत दिनों जेएनयू की दीवारों पर असामाजिक तत्वों द्वारा जो ब्राहमण भारत छोड़ो के नारे लिखे गये है उससे ऐसा प्रतीत हो रहा है कि जेएनयू राष्ट्रविरोधी तत्वों का केंद्र बन चुका है. (नीचे भी पढ़ें)
2 दिसंबर को घटित हुए घटना को आज 13 दिन हो गये है परन्तु अभीतक प्रशासन द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गयी. जेएनयू के कुलपति द्वारा भी कोई कार्यवाही न किया जाना यह दर्शाता है कि कहीं न कही विश्वविद्यालय प्रशाशन भी ऐसे लोगो के साथ में है. श्री भारद्वाज ने स्पष्ट रूप से बोलते हुए कहा कि तत्काल प्रभाव से ऐसे असामाजिक तत्वों को चिन्हित कर उनके ऊपर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया जाय, यह कार्यवाही 15 दिवस के भीतर होनी चाहिए अन्यथा परशुराम स्वाभिमान सेना और विशाल उम्र प्रदर्शन करने को मजबूर होगा. वहीं परशुराम शक्ति वाहिनी की दिल्ली प्रदेश महामंत्री नीलम पाण्डेय प्रदेश महामंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि जेएनयू में लिखे गये ब्राह्मण भारत छोड़ो नारों के विरोध में अब सनातनी महिलाये बेटियां इस विरोध प्रदर्शन में हिस्सा ले रही है. शक्ति वाहिनी की तरफ से सरकार एवं प्रशासन से यही मांग है कि जल्द से जल्द दोषियों को गिरिफ्तार कर जेल में डाला जाये. (नीचे भी पढ़ें)
राष्ट्रीय परशुराम परिषद सह श्री परशुराम कुंड तीर्थ यात्रा के राष्ट्रीय संयोजक पंडित मुकेश भार्गव ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय परशुराम परिषद के युवा इकाई परशुराम स्वाभिमान सेना द्वारा जो बिगुल फूका गया है उसके लिए वे उन्हें बधाई देते हैं. उन्हें विश्वाश है कि परशुराम स्वाभिमान सेना निरंतर अपनी नजर देश के ऐसे गद्दारों पर बनाये रखेगा और उन्हें सरकारी कानूनों के माध्यम से सजा दिलवाने का काम करेगा. पंडित प्रशांत वत्स जो दिल्ली प्रदेश संयोजक परशुराम स्वाभिमान सेना ने बताया कि विगत दिनों जेएनयू में हुए घटना को लेकर के उत्तर प्रदेश, हरियाणा, मध्यप्रदेश, दिल्ली आदि प्रदेश में ऐसे अराजक और विघटनकारी तत्वों के पुतले फूके गये और विभिन्न थानों पर एफआईआक भी दर्ज कराई गयी परन्तु अभीतक पुलिस प्रशासन एवं जेएनयू के कुलपति द्वारा ऐसे राष्ट्रविरोधी तत्वों के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया गया. (नीचे भी पढ़ें)
यह धरना आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य यह है कि अगर प्रशासन समय रहते हुए दोषियों की गिरिफ्तार नहीं करेगी तो ब्राह्मण समाज अपनी अस्मिता को बचाने के लिए सड़कों पर उत्तर के उम्र आन्दोलन करने को मजबूर हो जायेगा. प्रदर्शन में मुख्यरूप से आईटी प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय संयोजक अनुज शर्मा, राष्ट्रीय परशुराम परिषद झारखंड के प्रदेश अध्यक्ष रघुबर चौबे ,राष्ट्रीय परशुराम परिषद हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कौशिक, राष्ट्रीय परशुराम परिषद दिल्ली के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रघुवीर शर्मा, परशुराम स्वाभिमान सेना के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष राजेश शर्मा, परशुराम शक्ति वाहिनी के प्रदेश महामंत्री नीलम पाण्डेय, राष्ट्रीय परशुराम परिषद मेरठ की क्षेत्रीय अध्यक्ष पुनीत वशिष्ठ, मेरठ की क्षेत्रीय उपाध्यक्ष राकेश शर्मा, पश्चिम मेरठ की क्षेत्रीय उपाध्यक्ष पूनम शर्मा, राष्ट्रीय परशुराम परिषद की सदस्य प्रदेश कार्यकारिणी विनोद शर्मा, जिलाध्यक्ष गौतमबुद्ध नगर सुनील शर्मा, परशुराम स्वाभिमान सेना बागपत की जिलाध्यक्ष कपिल पंडित, गाजीयाबाद के जिला उपाध्यक्ष भीम शर्मा, गगन शर्मा सहित हजारो की संख्या में परशुराम स्वाभिमान सेना के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे.



