
बहरागोड़ा : बहरागोड़ा थाना क्षेत्र स्थित एनएच 18 से सटे केशरदा गांव में कभी भी एलपीजी गैस से भीषण अग्नि कांड हो सकता है. क्योंकि एक लाइन होटल में रात भर टैंकरों से एलपीजी गैस का कटिंग होता है. एक साथ पांच से सात टैंकरों के नोजल खोलकर गैस निकाला जाता है और सैकड़ों सिलेंडरों में भरा जाता है. उक्त होटल में ट्रकों से कोयला, छड़ और सीमेंट का भी कटिंग किया जाता है. उक्त वस्तुओं को छोटे वाहनों से रात में ही पश्चिम बंगाल भेज दिया जाता है. इतना कुछ होने के बावजूद भी प्रशासन तमाशबीन बना है. ऐसे में स्थानीय लोग प्रशासन पर भी सवाल उठा रहे हैं.
जानकारी के मुताबिक शाम होते ही उक्त होटल के पास एलपीजी गैस से लदे टैंकर खड़े हो जाते हैं. इसके बाद टैंकरों से गैस कटिंग का धंधा शुरू हो जाता है. दर्जनों लोग रात भर टैंकरों से गैस निकाल कर सिलेंडरों में भरते हैं. रात में ही छोटे वाहनों से गैस से भरे सैकड़ों सिलेंडरों को पश्चिम बंगाल में दबाया जाता है. ऐसे में कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है. उक्त होटल में दिन दहाड़े ट्रकों से कोयला, सीमेंट और छड़ कटिंग का धंधा भी होता है.रोजाना लाखों रुपए के रसोई गैस, कोयला, सीमेंट और छड़ का गोरख धंधा होता है. विदित हो कि कुछ साल पहले उक्त होटल में गैस कटिंग के दौरान एक टैंकर का नोजल टूट गया था. इस स्थिति में उक्त टैंकर को आबादी से दूर ले जाकर चालक ने पलटी कर दिया था. पुलिसिया जांच में इसका खुलासा होने के बाद उक्त होटल में छापामारी भी हुई और भारी संख्या में गैस से भरे गैस सिलेंडर बरामद हुए थे.






