जादूगोड़ा : पोटका के माताजी आश्रम में मंगलवार से बंगला भाषा की पढ़ाई की शुरुआत हुई. पोटका क्षेत्र में बंगला भाषा को जन-जन की भाषा बनाने व विलुप्त होती इस भाषा को बचाकर नयी पीढ़ी में इसके प्रति जागरूकता लाने को लेकर की गई इस पहल का जिम्मा सामाजिक कार्यकर्ता सुनील दे ने उठाया है. पहले दिन से ही काफी संख्या में बच्चों ने बंगला भाषा की पढ़ाई के प्रति रुचि दिखाई. (नीचे भी पढ़ें)
मंगलवार को सुबह 9 बजे से 11 बजे तक बच्चों ने बंगला भाषा सीखी. शिक्षक के तौर पर सुनील दे, सनत मंडल, कमल कांति घोष, शंकर चंद्र गोप, कृष्ण पद मंडल ने पहली क्लास ली. इस बाबत सुनील डे ने कहा कि यह शिक्षा निःशुल्क होगी.




