जादूगोड़ा : पोटका-जादूगोड़ा में बिना चालान के सड़कों पर महंगा बालू व गिट्टी लेकर दौड़ रही गाड़ियों से क्षेत्र की जनता जहां त्रस्त है वहीं बालू माफिया व उनके संरक्षक सफेदपोश लोग मालामाल हो रहे हैं. हालांकि झारखंड सरकार की ओर से ग़रीबो को मिलने वाले अबुआ आवासों के निर्माण में बालू व गिट्टी की आसमान छूती कीमतें सबसे बड़ी बाधक बन रही हैं. इस स्थिति से राहत दिलाने के उद्देश्य से दिशा नामक संस्था के अध्यक्ष तरनी सेन मांझी ने बेमियादी धरना आरंभ कर दिया है. धरना का आज चौथा दिन है, जिसकी सुधि लेनेवाला कोई नहीं है. सरकारी राजस्व की चल रही लूट को पोटका व जादूगोड़ा में मिली छूट से प्रशासन पर कई सवाल उठ रहे हैं. पोटका से लेकर जादूगोड़ा मुख्य सड़क समेत तिलाईटांड़ हरिजन बस्ती के पास जंगल में छिपा कर रखा बालू का ढेर कई लोगों की जेबें गर्म कर रहा है. यह धंधा वर्षों से बालू का काला कारोबार फलफूल रहा है. (नीचे भी पढ़ें)

बालू एवं गिट्टी के अवैध कारोबार के खिलाफ आंदोलन चला रहे तारिणी सेन दास ने कहा कि इस अवैध कारोबार की वजह से गरीबों के अबुआ आवास अधूरे पड़े हैं. एक हजार रुपये प्रति ट्रैक्टर की दर से मिलने वाला बालू सात हजार में बिक रहा है. गिट्टी लोगों को आठ हजार में लेनी पड़ रही है. ऐसे में गरीबों के अबुआ आवास कैसे बनेंगे. अन्य लोग घर कैसे तैयार करेंगे? इसके खिलाफ उनका आंदोलन जारी रहेगा. प्रखण्ड में कार्रवाई नहीं हुई तो उपायुक्त कार्यालय में अपनी आवाज उठाएंगे. जरूरत पड़ी तो उनका आंदोलन दिल्ली जंतर-मंतर तक पहुंचेगा.




