चाकुलिया: चाकुलिया प्रखंड के सरडीहा पंचायत के दक्षिणशोल मध्य विद्यालय में शुक्रवार को रवींद्रनाथ टैगोर की 166वीं जयंती समारोह पूर्वक मनाई गयी. कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के प्रधान शिक्षक ने रविंद्र नाथ टैगोर की तस्वीर पर माल्यार्पण कर की. विद्यालय के शिक्षक विनय कृष्ण महतो,लोकेश नाथ साधु और विद्यालय के छात्र छात्राओं ने श्रद्धासुमन अर्पित की. इस अवसर पर विद्यालय के बच्चों द्वारा कविता, गान,भाषण आदि प्रस्तुत किये गये. सहायक अध्यापक लोकेश नाथ साधु ने रविन्द्र नाथ टैगोर की जीवनी पर विस्तार पूर्वक प्रकाश डाला और कहा कि रवींद्रनाथ टैगोर भारत के महान कवि थे. उन्होंने बचपन से ही देश के साहित्य,दर्शन और संस्कृति को अपने अपने अंदर समाहित कर लिया था. उन्होंने मानवता को महत्व दिया और इसकी झलक उनकी रचनाओं में स्पष्ट रूप से प्रदर्शित होता है. वे केवल साहित्यकार ही नहीं थे,बल्कि एक महान शिक्षाविद् भी थे. उनकी रचनाएं आज भी प्रासंगिक हैं. साहित्य कला संगीत शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान हमेशा याद किए जाएंगे. लोकेश साधु ने उनके द्वारा रचित गीतांजलि की एक कविता प्रस्तुत की.(नीचे भी पढ़े)
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों के बीच शरबत का वितरण किया गया. संगीत,कविता और भाषण में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया. इस मौके पर मुख्य शिक्षक अंजन महतो, विनय कृष्ण महतो, लोकेश नाथ साधु, प्रकाश बेरा, शिक्षिका बसंती हेंब्रम, लुसकी हेंब्रम समेत प्रबंधन समिति के सदस्य उपस्थित थे.



