गालूडीह : गालूडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत बाघुड़िया पंचायत के चाड़री गांव में मलेरिया के बढ़ते प्रकोप से ग्रामीणों में भय का माहौल है. गांव में कई लोगों के मलेरिया से पीड़ित होने की जानकारी मिली है. ग्रामीणों के अनुसार, बासंती हांसदा (15), हेमाल टुडू (13) और सोनामनी टुडू (60) समेत गांव के कई लोग मलेरिया की चपेट में हैं. सोनामनी टुडू की तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर उनको घाटशिला अनुमंडल अस्पताल में भर्ती कराया गया है. लोगों के लगातार बीमार पड़ने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है. ग्रामीणों का कहना है कि बरसात में गांव में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है. इसके साथ ही कई लोगों में बुखार और मलेरिया जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं. ग्रामीणों को आशंका है कि समय पर जांच और इलाज नहीं होने पर बीमारी और अधिक फैल सकती है. गांव में मलेरिया के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग से तत्काल जांच अभियान चलाने और सभी संदिग्ध मरीजों की जांच कराने की मांग उठ रही है. मालूम हो कि शनिवार को चाड़री गांव निवासी मदरा टुडू और सरस्वती टुडू की 15 वर्षीया पुत्री देवला टुडू की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई.
हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में ताला लगे होने का आरोप
ग्रामीणों ने स्वास्थ्य की लचर व्यवस्था पर भी नाराजगी जताई है. ग्रामीणों का आरोप है कि गुड़ाझोर स्थित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में प्रतिदिन चिकित्सक नहीं बैठते हैं. कई बार केंद्र में ताला लटका रहता है, जिसके कारण ग्रामीणों को इलाज और स्वास्थ्य जांच के लिए गांव से दूर निजी अस्पतालों में जाना पड़ता है. ग्रामीणों का कहना है कि मलेरिया जैसी बीमारी के बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य केंद्र के नियमित रूप से संचालित नहीं होने से परेशानी और बढ़ गई है. ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से चाड़री गांव में तत्काल मलेरिया जांच एवं जागरूकता शिविर लगाने, प्रभावित लोगों की जांच कराने तथा जरूरतमंद मरीजों को उचित इलाज उपलब्ध कराने की मांग की है. साथ ही गुड़ाझोर हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है.




