चाकुलिया : धालभूमगढ़ प्रखंड में सेवा ही धर्म समाजिक संस्था आज किसी पहचान की मोहताज नहीं है. संस्था के युवा सदस्य अपने निःस्वार्थ सेवा भाव से क्षेत्र में एक अलग पहचान बना चुके हैं. सेवा ही धर्म नाम से चल रही संस्था अपने नाम की तर्ज पर लोगों की सेवा का कार्य कर रही है. संस्था के गठन के संबंध में गुलशन कुमार ने बताया कि इस संस्था का गठन 8 अप्रैल 2022 को मात्र पांच लोगों ने मिल कर किया था और आज इस संस्था से 1000 से अधिक लोग जुड़ चुके हैं. उन्होंने कहा कि सभी सदस्य निःस्वार्थ भाव से क्षेत्र में जहां भी सेवा की जरूरत होती है, करते हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें लोगों की सेवा करने की प्रेरणा तब मिली जब उनके दोस्त और भाई की जान एक सड़क दुर्घटना में चली गई. (नीचे भी पढ़ें)

श्री कुमार ने बताया कि संस्था के गठन के पश्चात एक मोबाइल व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया गया है. ग्रुप से सभी सदस्य जुड़े हुए हैं. उन्होंने बताया कि संस्था अब तक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुए करीब 200 लोगों को समय पर अस्पताल पहुंचाकर उनकी जान बचा चुकी है. (नीचे भी पढ़ें)

सेवा ही धर्म संस्था ने विगत दिनों संस्था के सदस्यों और समाजसेवियों से चंदा संग्रह कर एक सेकेंड हैंड एंबुलेंस की खरीद की है. धालभूमगढ़ प्रखंड क्षेत्र में जहां भी सड़क दुर्घटना की सूचना संस्था को मिलती है, संस्था के सदस्य एंबुलेंस लेकर घटनास्थल पहुंचकर घायलों को आपस में चंदा कर और लोगों से सहयोग मांगकर अस्पताल पहुंचाने का काम कर रहे हैं. गुलशन कुमार ने बताया कि संस्था ने इसके अलावा रक्तदान शिविर, मेगा हेल्थ कैंप, गरीबों के श्राद्ध कर्म में सहयोग समेत अन्य समाजिक कार्य कर संस्था क्षेत्र में जरूरतमंद लोगों के लिए एक वरदान के रूप में उभर कर सामने आई है.



