जादूगोड़ा: यूसिल की भाटिन यूरेनियम प्रोजेक्ट में बीते 16 मार्च से कैंटीन चालू करने, समेत अन्य बुनियादी सुविधा लागू करने की मांग को लेकर ठेका कर्मियों की जारी हड़ताल को केंद्रीय सहायक श्रमायुक्त चाइबासा शुभाक संजीव ने संज्ञान लेते हुई त्रिपक्षीय वार्ता के जरिय मामले की सुलझा दिया. मामले में सहमति बनते ही शुक्रवार को ए शिफ्ट पाली से मजदूर काम पर लौट गए. यहां बताते चले कि बीते चार दिनों से बंद पड़ी यूसिल की भाटीन माइंस झारखंड में उत्पादन चालू हो गया. झारखंड में पहली बार ऐसा हुआ है कि हजारीबाग व चाईबासा केंद्रीय सहायक श्रमायुक्त प्रभारी ने हजारीबाग से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिय भाटीन यूरेनियम प्रोजेक्ट की हड़ताल समाप्त करायी. वही यूसिल प्रबंधन के संरक्षण में ठेका कंपनी एमएफबी जियोटेक द्वारा ठेका कर्मियों को श्रम कानून में निहित मूलभूत सुविधा से वंचित किए जाने पर फटकार लगायी व भविष्य में श्रम कानून का उल्लंघन कर यूसिल प्रबंधन व ठेका कंपनी एमएफबी जियोटेक पर कानूनी कार्रवाई का संकेत दिया. (नीचे भी पढ़ें)

हजारीबाग व चाईबासा के प्रभार में चल रहे केंद्रीय श्रमायुक्त शुभाक संजीव ने चार घंटे तक वीडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिय ठेका कर्मियों के प्रतिनिधियों, यूसिल प्रबंधन व ठेका कंपनी की जनसुनवायी की. इस दौरान मजदूरों के लिए कैंटीन की सुविधा चालू करने, बीटीसी ट्रेनिंग की राशि भुगतान, टेक्निकल ग्रेड में सेवा दे रहे ठेका कर्मचारियों को स्किल्ड का वेतन भुगतान, दुर्घटना में किसी कर्मचारी की मृत्यु होने पर 30 लाख मुआवजा राशि, हर महीना उत्पादन का इंसेंटिव भुगतान, रात्रि भत्ता 60 रुपया प्रतिदिन, सैलरी स्लिप, साल में 24 दिन अर्जित छुट्टी, 12 दिन आकस्मिक छुटी व 12 दिन मेडिकल छुटी घोषित करने समेत अन्य मांगो सहमति बनी. जिसके बाद झामुमो मुख्य संयोजक बाघराय मार्डी, ग्राम प्रधान मंगल सोरेन, मुखिया राम साईं सोरेन ने हड़ताल वापसी की घोषणा कर दी. हड़ताल समाप्त की घोषणा होते ही सी शिफ्ट पाली से यूसिल भाटीन माइंस का उत्पादक चालू हो गया.



