
जमशेदपुर : जमशेदपुर के साईं परिवार विश्व सेवा संस्थान की ओर से 20 फ़रवरी गुरुवार से 21 फ़रवरी शुक्रवार तक दो दिवसीय “महाशिवरात्रि महोत्सव” का आयोजन किया जा रहा है. अनुष्ठान की विस्तृत जानकारी के लिए सोमवार को श्री साईनाथ देवस्थानम, घोड़ाबाँधा, टेल्को में प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया. पत्रकारों को संबोधित करते हुए संस्थान के अध्यक्ष अनुप रंजन ने बताया कि यहां स्फटिक का शिवलिंग स्थापित हो रहा है. श्री शिवालय में स्थापित “स्फटिक” की शिवलिंग बिहार एवं झारखण्ड राज्य की यह एकमात्र शिवलिंग है. पूजन अनुष्ठान का शुभारंभ 20 फरवरी, गुरुवार को शाम 6 बजे से शुरू होगा, जिसमें श्री साईं बाबा की धूप आरती की जाएगी. बाबा की पालकी यात्रा निकलेगी. इसके बाद भजन संध्या का आयोजन किया जायेगा. भजन संध्या में जमशेदपुर के सुप्रसिद्ध भजन गायक प्रेम अगरवाल एवं उनकी टीम द्वारा भजन की प्रस्तुति दी जाएगी एवं भगवान भोले शंकर की झांकी की प्रस्तुति दी जाएगी. प्रथम दिवस के अनुष्ठान का समापन बाबा के सेज आरती के साथ होगी. अंतिम दिवस 21 फ़रवरी, शुक्रवार को महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर सुबह पांच बजे से शाम पांच बजे तक श्री शिव पूजन एवं अभिषेक का आयोजन किया जायेगा.
12 घंटे तक चार पहर की विशेष पूजन अनुष्ठान के आयोजन
संध्या 6.00 बजे से अगले दिन 22 फ़रवरी सुबह 6.00 बजे तक चार पहर की पूजन का आयोजन किया जायेगा . चार पहर की पूजन में प्रथम पहर की पूजन का समय होगा संध्या 6.00 बजे से रात्रि 9.00 बजे तक . प्रथम पहर के पूजन के पश्चात भगवन भोलेनाथ की भजन होगी . दुसरे पहर की पूजन की समय होगी रात्रि 9.00 बजे से मध्य रात्रि 12.00 बजे तक दुसरे पहर के पूजन के पश्चात शिव विवाह का कार्यक्रम होगा . तीसरे पहर की पूजन की समय होगी मध्य रात्रि 12 बजे से रात्रि 3.00 बजे तक. तीसरे पहर के पूजन व रुद्राभिषेक के पश्चात रुद्राष्टाध्यायी के द्वारा हवन होगी . चतुर्थ पहर की पूजन की समय होगी मध्य रात्रि 3.00 बजे से सुबह 6.00 बजे तक . चतुर्थ पहर की पूजन के पश्चात बाबा की महाआरती होगी . प्रत्येक पहर में भोले बाबा को अलग अलग भोग अर्पित की जाएगी . विशेष पूजन अनुष्ठान पंडितचार्या हरेराम दुबे के मार्गदशन में कूल 5 पुरोहितों के द्वारा संपन्न कराया जायेगा .
भगवान भोले शंकर के काल्पनिक आभूषणों से होगी पूरे मंदिर प्रांगन की साज सजावट
जमशेदपुर के प्रसिद्ध हस्तशिल्प कलाकारों के द्वारा भगवन भोले शंकर की काल्पनिक आभूषणों से पूरे मंदिर प्रांगण की साज-सजावट की जाएगी. मंदिर प्रांगण में भोले बाबा के आभूषण त्रिशूल, डमरू, रुद्राक्ष, बेलपत्र से सजावट की जाएगी. 10 फीट आकार के “ध्यान मुद्रा में भगवान आदि शंकर” के रूप को विग्रह के रूप में प्रदर्शित की जाएगी . 12 फीट आकार के तोरण द्वारा बनाया जायेगा, जिसमे डमरू एवं बेलपत्र तोरण द्वार को शुशोभित करेंगे. फोटोग्राफी के लिए भगवन भोलेशंकर के “त्रिनेत्र” स्वरूप में सेल्फी कार्नर बनाया जायेगा. भक्तों के लिए एकल एवं सामूहिक रुद्राभिषेक की विशेष व्यवस्था रहेगी. प्रेस वार्ता में अध्यक्ष अनुप रंजन , शैलेन्द्र कुमार मिश्रा, उदय भास्कर, शिखा रॉय चौधरी, सुदर्शन महतो, अंजु शाह, के श्रीनिवास, दुलाल पाल समेत अन्य लोग उपस्थित थे.







