
जमशेदपुर : दो दिनों के दौरे के बाद देश के उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू झारखंड से विदा हो गये. रांची में उनको राज्य सरकार के प्रतिनिधियों के अलावा राज्यसभा के उपसभापति और वरिष्ठ पत्रकार हरिवंश समेत अन्य लोगों ने उनको विदाई दी. इससे पहले उपराष्ट्रपति आत्मीयता के साथ जमशेदपुर में ही रहे. उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडु ने बिष्टुपुर स्थित आंध्र भक्त श्री राम मंदिर में श्री रामचंद्र, भगवान बालाजी की पूजा अर्चना की. सर्वप्रथम मंदिर प्रांगण में उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू और राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू के आगमन पर आंध्र प्रदेश श्री मंदिर कमेटी के अध्यक्ष वीडी गोपाल कृष्ण, उपाध्यक्ष जम्मी भाष्कर और महासचिव दुर्गा प्रसाद राव, कोषाध्यक्ष बी विजय कुमार द्वारा संयुक्त रूप से मंत्रोच्चार के साथ स्वागत किया गया.

मंदिर में प्रवेश करने के पश्चात श्री राम दरबार में पूरे विधि विधान से उपराष्ट्रपति और राज्यपाल ने पूजन किया. आंध्रभक्त मंदिर श्री राम समिति के सदस्यों द्वारा उपराष्ट्रपति के साथ पूर्व निर्धारित फोटो सेशन भी हुआ. उपराष्ट्रपति ने आगंतुक रजिस्टर में अपने विचार एवं हस्ताक्षर किए. इसके बाद उपराष्ट्रपति द्वारा मंदिर प्रांगण में आंवला का पौधारोपण किया गया. इससे पहले उपराष्ट्रपति के आगमन के साथ ही उनके चरण को धोने की व्यवस्था की गई थी लेकिन उन्होंने स्वयं अपने हाथ से पानी निकालकर पैर धोकर वहां से भगवान के दर्शन के लिए मंदिर में आगे बढ़े. इसके बाद उन्होंने राम मंदिर में पूजा अर्चना की जहां पंडित संतोष आचार्य ने उन्हें पूजा अर्चना कर उन्हें प्रसाद दिया. इसके बाद वे भगवान गणेश और हनुमान जी की मंदिर का दर्शन करते हुए आगे बढ़े और बीच-बीच में जहां-जहां राम मंदिर कमेटी के सदस्य खड़े थे उनसे हाथ मिलाते हुए उनका परिचय प्राप्त करते हुए आगे बढ़ रहे थे.

इसके बाद में सभी से मुलाकात करते हुए धीरे-धीरे बालाजी मंदिर पहुंचे और उनके प्रवेश करते ही घंटे की आवाज से पूरा राम मंदिर गुंजायमान हो गया. इसके बाद पुरोहित कोंडमाचारूलु ने पूरे दक्षिण भारतीय विधि-विधान से विष्णु के अवतार बालाजी की पूजा अर्चना की और उसके बाद उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू को कंडुवा (दक्षिण भारत की शॉल) ओढाकर सम्मानित किया गया और महिला स्कूल की प्रिंसिपल निशा बानी ने राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू को कंडुवा ओढ़ाकर उन्हें सम्मानित किया. इसके उपरांत आचार्य कोंडमाचारुलु ने उपराष्ट्रपति राज्यपाल को प्रसाद दिया और इसके बाद बालाजी की दोनों पत्नियों भूदेवी और गोदा देवी की मंदिरों में भी दर्शन किए और वहां से निकलते हुए वह मंदिर प्रांगण में ही अलग-अलग जगह पर उपस्थित मंदिर कमेटी के सदस्यों से हाथ मिलाकर अभिवादन स्वीकार कर रहे थे. आगे बढ़ते हुए प्रणाम करते हुए उनका स्वागत कर रहे थे और अपना परिचय बता रहे थे.

इसके बाद नवग्रह जो मंदिर है वहां उपराष्ट्रपति पहुंचे और उसको दूर से ही प्रणाम कर नौ ग्रहों का आशीर्वाद प्राप्त किया, पूजा अर्चना की और उसके बाद वह वहां से आकर कमेटी के सदस्यों के साथ बैठकर ग्रुप फोटो लिया और उसके उपरांत वहां से इसी क्रम में उपराषट्रपति ने जो आचार्य थे उन्हें भी इशारा करके बुलाया तो वह भी आकर उनके साथ फोटो खिंचाया. वही उपराष्ट्रपति को महासचिव दुर्गा प्रसाद ने मोमेंटो देकर सम्मानित किया और राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू को उपाध्यक्ष जम्मी भास्कर ने मोमेंटो प्रदान कर उन्हें सम्मानित किया.

उससे पहले वे रुसी मोदी सेंटर फॉर एक्सीलेंस गये. वहां उन्होंने समय व्यतीत किया. इस दौरान टाटा वर्कर्स यूनियन के सौ साल पूरे होने पर अध्यक्ष आर रवि प्रसाद ने उनको पुस्तक समर्पित की. अध्यक्ष आर रवि प्रसाद के साथ महासचिव सतीश सिंह, डिप्टी प्रेसिडेंट अरविंद पांडेय समेत तमाम पदाधिकारी मौजूद थे. इन लोगों ने वहां सबका स्वागत किया और यूनियन के कार्यों की सराहना उपराष्ट्रपति ने किया.







