
जमशेदपुर : जमशेदपुर के सोनारी थाना अंतर्गत वन भवन के पास गणेश सिंह पर बमबारी करने के मामले में पुलिस ने खुलासा करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार किए हुए अपराधियों में शाहिद खान उर्फ साहजद, दस्तगीर आलम उर्फ राजू, सज्जाद उर्फ टांडा, अहमद राजा और नीरज प्रसाद उर्फ चिंटू शामिल है. पुलिस ने इनकी निशानदेही में एक देसी कट्टा, दो जिंदा कारतूस, 20 ग्राम विस्फोटक पदार्थ के अलावा घटना में प्रयुक्त 2 बाइक बरामद की गई है. जानकारी देते हुए एसएसपी डॉ एम तमिल वाणन ने बताया कि घटना के बाद एक टीम का गठन कर सभी की गिरफ्तारी की गई है. इस घटना में 11 लोग शामिल है. पूछताछ में यह बात सामने आई है कि उलीडीह में अपराधी शैंकी यादव की हत्या मामले में गणेश सिंह के साथियों को जेल भेजा गया था. इसी का बदला लेने के लिए शैंकी यादव के साथी रिजवान और अंकित शर्मा, सोनू और पिंटू ने सज्जाद को पांच लाख रुपए में गणेश की हत्या करने की सुपारी दी थी. अब तक दो से ढाई लाख रुपए दे दिए गए थे. सज्जाद ने अन्य अपराधियों को इकट्ठा किया और घटना को अंजाम देने की योजना बनायी. सोनू मिंज घटना के दिन रेकी कर रहा था, जबकि शाहिद खान, दस्तगीर खान और अहमद राजा के अलावा अन्य अपराधी मौके पर मौजूद थे. गणेश सिंह को आता देख सभी ने उस पर हमला कर दिया. पूछताछ में यह बात भी सामने आई की जमीन कारोबार को लेकर भी दोनों के बीच विवाद चल रहा था जिसको लेकर भी घटना को अंजाम दिया गया था. एसएसपी ने बताया कि सज्जाद के खिलाफ जिले और जिले के बाहर कई थानों में मामला दर्ज है. विशाखापट्टनम में उसने एक एसआई की हत्या कर दी थी. फिलहाल सभी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. अन्य की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है. (नीचे भी पढ़ें व देखें वीडियो)
ये है मामला
23 दिसंबर को सोनारी के वन भवन के सामने गणेश सिंह की कार पर बम से हमला किया गया था. दो बम पास ही वन भवन की चहारदीवारी पर जा लगा था, जबकि एक बम गणेश की कार पर लगने के बाद नहीं फटा था. घटना को अंजाम देने के बाद तीन बाइक पर सवार सभी अपराधी सोनारी की ओर फरार हो गए. घटना के बाद गणेश सिंह ने अमरनाथ सिंह पर साजिश करने का आरोप लगाते हुए सोनारी थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी. घटना के थोड़ी देर बाद ही अमरनाथ सिंह ने एक वीडियो जारी कर खुद को निर्दोष बताया था और बताया था कि वह अपने गांव में है. गणेश सिंह उसे फंसाने की साजिश कर रहा है. हालांकि अब तक अमरनाथ की संलिप्तता सामने नहीं आयी है.







