जमशेदपुर : जमशेदपुर के सिदगोड़ा सूर्य मंदिर में मंच बनाने को लेकर पूर्व मुख्य मंत्री रघुवर दास और सरयू राय समर्थकों के बीच हुई मारपीट मामले में 39 आरोपियों के द्वारा दायर रिवीजन मामले में सुनवाई करते हुए जमशेदपुर कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश सह जिला जज अनिल कुमार मिश्रा-वन की अदालत ने मंगलवार को सुनवाई करते हुए निचली अदालत की फैसले को गलत बताते हुए आदेश को सेटएसाईट कर दिया हैं और कहा कि यह मामला आरोपियों के खिलाफ भादवि की धारा 323 और 325 जमानतीय धाराओं के तहत चलेगा. अदालत ने धारा 326 गैरजमानती धारा को हटा दिया हैं. निचली अदालत द्वारा इन 39 अभियुक्तों के खिलाफ 323,325 एवं 326 के तहत संज्ञान लिया था. बता दे कि सिदगोड़ा पुलिस ने मामले में सिर्फ 323 के तहत संज्ञान लेते हुए आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था. बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता विजय शंकर पाठक ने बताया कि मामले की सुनवाई कर रही प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी सौदामनी सिंह की अदालत ने पुलिस द्वारा ली गई धारा 323 के तहत संज्ञान को परिवर्तित करते हुए आरोपियों के खिलाफ गैरजमानती धारा 326 के अलावे 323 एवं 325 के तहत संज्ञान लिया था. इस आदेश के खिलाफ आरोपियों की ओर से धारा 326 को चैलेंज करते हुए रिवीजन का मामला दायर किया था. (नीचे भी पढ़े)
उल्लेखनीय है कि 29 अक्टूबर 2022 को छठ पूजा के दौरान सूर्य मंदिर में होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम को लेकर रघुवर दास समर्थकों मंदिर परिसर में मंच का निर्माण कराया जा रहा था. वही, सरयू राय समर्थक छठ पूजा का प्रसाद वितरण को लेकर दोनों पक्ष में हुई विवाद के मारपीट को लेकर दोनों पक्ष की ओर से सिदगोड़ा थाने में एक – दूसरे के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया गया था. रघुवर दास गुट के खिलाफ गैर जमानतीय धारा के तहत कोर्ट दवारा संज्ञान लिए जाने के विरोध में रिवीजन का मामला प्रधान न्यायाधीश सह जिलाजज अनिल कुमार मिश्रा-वन की अदालत में दाखिल किया गया था. इस मामले में सरयू राय गुट के सुबोध श्रीवास्तव के बयान पर रामबाबू तिवारी, चन्दगुप्त सिंह, कुमार संदेश चौधरी, कमलेश साहू , विकास कुमार सिंह, कुमार अभिषेक,सौरभ चौधरी, देवाशीष सरकार, कांचन दत्ता,भूपेन्द्र सिंह, मनीष कुमार प्रसाद,दिनेश कुमार, अमन सिंह, कुमार धीरज,राकेश कुमार, दुर्गा यादव,अखिलेश चौधरी,मुकेश यादव,अनिमेष सिंह, इकबाल सिंह, शैलेश कुमार चौधरी,रंजीत सिंह व अन्य है.





