जादूगोड़ा: जादूगोड़ा की महिला विस्थापित कुंती देवी का बुधवार को यूसिल के खिलाफ सब्र का बांध टूट गया. वह बीते 1960 से जमीन के बदले नौकरी की मांग कर रही है. उनकी मांगों को अनदेखी करने पर विस्थापित कुंती देवी ने उसकी 44 डिसमिल जमीन पर बनी विकिरण की जांच करने वाली संस्था भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र में ताला जड़ दिया और मेन गेट के समक्ष बैठ कर जमीन के बदले नौकरी देने की मांग पर अड़ गयी. इधर पीड़ित महिला कुंती देवी ने यूसिल प्रबंधन पर आरोप लगाया कि उसे हक देने कि बजाय कंपनी के अधिकारियों ने अकेला देखकर उसे अपनी ही जमीन से जबरन हटा दिया और गेट पर लगा ताला तोड़ दिया, जिसके खिलाफ केंद्रीय सहायक श्रमायुक्त के यहां पीड़िता न्याय की गुहार लगाएंगी. कुंती देवी पहली ऐसी महिला नहीं है जो यूसिल द्वारा अधिग्रहित जमीन के बदले नौकरी को लेकर आंदोलन चला रही है. (नीचे भी पढ़ें)

इधर यूसिल कंपनी अपनी दबंगता और शक्ति के बल पर उसके आंदोलन को कुचल कर उसके वाजिब हक को छीनने में जुटी है. एक घंटे की इस तालाबंदी ने यूसिल के पसीने छूटा दिए और भाभा एटोमिक रिसर्च सेंटर के वैज्ञानिक व कर्मचारी गेट के अंदर कम्पनी का नाटक देखते रहे औप खूब मजा लेते रहे. एक लाचार विस्थापित महिला से निपटने के लिए यूसिल की दो दर्जन से अधिक पुलिस घटना स्थल पहुंची.



