जमशेदपुर : जमशेदपुर में जेएसएफसी (झारखंड राज्य खाद्य निगम) के गोदाम बंद किए जाने के प्रशासनिक फैसले के बाद कर्मचारियों और मजदूरों में चिंता बढ़ गयी है. बर्मामाइंस, साकची गोदाम और करनडीह ब्लॉक स्थित जेएसएफसी गोदामों में कार्यरत 100 से अधिक कर्मचारी और मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा होने की आशंका है. इसी मुद्दे को लेकर मंगलवार को मजदूरों का एक प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त और अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) से मिला. मजदूरों ने प्रशासन से गोदामों को बंद नहीं करने की मांग करते हुए कहा कि वे पिछले 40 से 50 वर्षों से इन गोदामों में कार्य कर रहे हैं और यदि इन्हें बंद कर दिया गया तो उनके परिवारों के सामने भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो जाएगी. (नीचे भी पढ़ें)
मजदूरों ने बताया कि अब तक गरीबों के लिए आवंटित खाद्यान्न पहले एफसीआई गोदाम से जेएसएफसी गोदामों में आता था, जहां से इसे जनवितरण प्रणाली (पीडीएस) के डीलरों तक पहुंचाया जाता था. लेकिन नई व्यवस्था के तहत अब खाद्यान्न सीधे एफसीआई गोदाम से डीलरों तक भेजा जाएगा, जिससे जेएसएफसी गोदामों की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी. मजदूरों ने प्रशासन से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की अपील करते हुए कहा कि उनकी आजीविका को सुरक्षित रखने के लिए गोदामों को बंद नहीं किया जाए. फिलहाल प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई अंतिम निर्णय या आश्वासन सार्वजनिक नहीं किया गया है.







