
रांची : झारखंड के करीब 13 मजदूर उत्तराखंड के चमोली में ग्लेशियर टूटने से हुए हादसे में फंस गये है. इस घटना में सौ से अधिक लोग लापता है, जिसमें 13 लोग झारखंड के भी है, जिसकी जानकारी झारखंड सराकर को उनके परिजनों ने दी है. ये सारे लोग वहां चल रहे पावर प्लांट में काम करने के लिए गये हुए थे, जहां यह आपदा आयी है. परिजनों ने श्रम विभाग को भी इसकी पूरी जानकारी उपलब्ध करायी है. लापता लोगों में चार लोग रामगढ़ जिला के गोला प्रखंड के रहने वाले है. इसमें मदन महतो, जीतेंद्र कुमार, मिथलेश महतो और कुलदीप कुमार शामिल है. इसके अलावा लोहरदगा के किस्को थाना क्षेत्र के रवींद्र उररांव, विक्की उरांव, ज्योतिया बाखला, नेमहश बाखला, सुनील बाखला, अनूप बाखला, दीपक उरांव, मजनू बाखला और प्रेम उरांश शामिल है. बताया जाता है कि इन लोगों के मोबाइल फोन बंद है. परिजनों का कहना है कि अंतिम बार हादसा के पहले जरूर बातचीत हुई थी, लेकिन उसके बाद से फोन पर किसी से बात नहीं हो पा रही है. बताया जाता है कि ये सारे मजदूर जहां काम कर रहे थे, वह चमोली का इलाजा है, जो तपोवन क्षेत्र कहा जाता है, जहां पावर प्लांट का काम चल रहा था, जहां इतनी बड़ा हादसा हुआ है. दूसरी ओर, इस घटना के बाद से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने चमोली की आपदा में फंसे लोगों को राहत पहुंचाने और उनके बारे में पता लगाने के लिए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से बातचीत की है. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने कहा है कि राहत कार्य चल रहा है और बेहतर रिजल्ट जल्द सामने आ जायेगा. मुख्यमंत्री ने इसको लेकर हेल्पलाइन नंबर भी जारी कर दिया है, जिसके जरिये लोग सरकार से मदद प्राप्त कर सकते है. हेल्पलाइन नंबर 9431336432, 9431336472, 9431336398, 9431336427 और 9470132591 पर संपर्क कर लोग किसी तरह की मदद पा सकते है.






