रांची : झारखंड विधानसभा और मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया. धमकी ई-मेल के जरिए दी गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए झारखंड विधानसभा के पदाधिकारी की ओर से रांची के विधानसभा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. धमकी की सूचना मिलते ही झारखंड जगुआर की बीडीडीएस (बम डिस्पोजल एंड डिटेक्शन स्क्वॉड) टीम को मौके पर बुलाया गया. टीम ने पूरे विधानसभा परिसर की गहन तलाशी ली. इसके साथ ही सचिवालय और मुख्यमंत्री कार्यालय परिसर में भी करीब चार घंटे तक सर्च ऑपरेशन चलाया गया. पुलिस ने धमकी के स्रोत का सत्यापन शुरू कर दिया है। जिस माध्यम से धमकी दी गई, उसकी तकनीकी जांच की जा रही है. पुलिस आरोपी तक पहुंचने और धमकी की वास्तविकता का पता लगाने में जुटी है. (नीचे भी पढ़ें)
वहीं, सुरक्षा एजेंसियों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है. पुलिस कंट्रोल रूम तक धमकी से जुड़ी सूचना पहुंचने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अधिकारियों के बीच तत्काल सक्रियता बढ़ गई. विधानसभा, सचिवालय और सीएमओ परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. गौरतलब है कि झारखंड के सरकारी कार्यालयों और न्यायालय परिसरों को बम से उड़ाने की धमकी का यह पहला मामला नहीं है. इससे पहले मार्च में रांची समाहरणालय के अलावा धनबाद और साहिबगंज सिविल कोर्ट को भी बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी. उस समय भी धमकी ई-मेल के जरिए दी गई थी. धमकी मिलने के बाद संबंधित कोर्ट परिसरों और अन्य प्रभावित इलाकों को आनन-फानन में खाली कराया गया था. सुरक्षा एजेंसियों ने तलाशी अभियान चलाकर स्थिति का जायजा लिया था.




