अनिल कुमार/बोकारो : बोकारो स्टील प्रशासनिक भवन के समक्ष भवनाथपुर से आये हजारों मजदूरों ने गुरुवार को बोकारो स्टील प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की एवं बेमियादी धरने पर बैठ गए. मजदूरों के प्रदर्शन को देखते हुए सेल के सुरक्षा कर्मियो ने उन्हें बैरियर लगाकर रोक दिया. (नीचे भी पढ़ें)
जानकारी के मुताबिक सेल बोकारो स्टील के द्वारा गढ़वा के भवनाथपुर स्थित तुलसीदामर में संचालित डोलोमाइट खदान और चूना पत्थर खदान को 16 फरवरी 2020 को बंद कर दिए जाने के बाद मजदूरों के समक्ष भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है. दोनों ही प्लांटों में 3000 से अधिक मजदूर काम कर रहे थे. मजदूर अपनी मांगों को लेकर आज गढ़वा से चलकर बोकारो स्टील प्लांट के प्रशासनिक भवन के समक्ष पहुंच गए और सेल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी. मजदूरों ने आज राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस के गढ़वा जिला अध्यक्ष सुशील कुमार चौबे की अगुवाई में प्रदर्शन किया.(नीचे भी पढ़ें)
मजदूरों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें मानी नहीं जातीं, वे बेमियादी धरना प्रदर्शन करते रहेंगे. जिला इंटक अध्यक्ष सुशील कुमार चौबे ने बताया कि भवनाथपुर में एशिया की सबसे बड़ी खदान चल रही थी, जिसे अचानक बंद कर दिया गया, बंद करने के बाद प्रबंधन के द्वारा लेग्थ ऑफ़ सर्विस के अनुसार रिट्रेंचमेंट बेनिफिट व अन्य लाभ देने के लिए मजदूरों को कहा गया था. कुछ मजदूरों को जैसे-तैसे कर राशि दे दी गई, जिसमें काफी त्रुटि थी. (नीचे भी पढ़ें)
गढ़वा डीसी ने इस मामले की जांच भी कराई गई, जिसमें मामला गलत पाया गया. प्रबंधन के द्वारा लगातार आनाकानी की जा रही थी. जिस कारण हम लोग आज प्रदर्शन करने आए हैं. हम चाहते हैं कि खदान को चालू कराया जाए ताकि मजदूरों के समक्ष भुखमरी की जो स्थिति उत्पन्न हो गई है उसे दूर किया जा सके.




