
रांची : झारखंड में चुनावी उलगुलान हो चुका है. राज्य के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हाजी हुसैन अंसारी की मौत के बाद खाली हुई मधुपुर विधानसभा सीट पर मतदान होने वाला है. देवघर जिले के मधुपुर में आदर्श आचार संहिता भी लागू कर दी गयी. इसके तहत 23 मार्च से नामांकन दाखिल होने लगेगा. 30 मार्च को नामांकन दाखिल किये जा सकेंगे और 31 मार्च को नामांकन पत्रों की जांच होगी. 3 अप्रैल तक नामांकन पत्र को वापस लिये जा सकेंगे और 17 अप्रैल को मतदान और 2 मई को मतगणना होगी. उपचुनाव में एक जनवरी 2021 को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची को ही मान्य किया गया है, जिसमें इवीएम के साथ साथ वीवी पैट का इस्तेमाल किया जायेगा. हाजी हुसैन अंसारी झारखंड के मधुपुर विधानसभा सीट से 2019 के चुनाव में जीतकर आये थे. उनका कोरोना होने के ठीक होने के बाद मौत हो गयी थी. इसके बाद झामुमो ने स्वर्गीय हाजी हुसैन अंसारी के बेटे हफीजुल अंसारी को मंत्री बनाया है. हफीजुल अंसारी को झामुमो वहां से उम्मीदवार बनाने वाली है जबकि भाजपा अभी प्रत्याशी की घोषणा नहीं की है. वैसे इस सीट पर आजसू ने भी अपना दावा किया है. इसको लेकर तैयारियां तेज हो चुकी है. वैसे तो यहां पूर्व मंत्री राज पालिवार भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़े है और पहले भी जीतते रहे है. मधुपुर सीट सामान्य सीट है, जहां से वर्ष 2019 के चुनाव में झामुमो के स्वर्गीय हाजी हुसैन अंसारी ने भाजपा के राज पालिवार को 23069 मतों से पराजित किया था. हाजी हुसैन अंसारी को कुल 88115 मत मिले थे जबकि राज पालिवार को भाजपा के टिकट पर 65046 मत मिले थे. तीसरे स्थान पर आजसू के गंगा नारायण रे थे. आजसू के प्रत्याशी गंगा नारायण रे को कुल 45620 मत हासिल हुआ था. भाजपा अब तैयारी कर रही है कि मधुपुर विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट पर पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास को चुनाव लड़ाया जाये. रघुवर दास जमशेदपुर पूर्वी से विधानसभा चुनाव में सरयू राय से मात खा चुके है. इसके अलावा विपक्ष के नेता का पद भी खाली है क्योंकि बाबूलाल मरांडी को लेकर अभी कई सारे कानूनी दावं पेंच है और उनको विपक्ष का नेता नहीं बनाया जा रहा है. ऐसे में नये नेता का चुनाव होना है. भाजपा चाहती है कि रघुवर दास, जो मुख्यमंत्री रह चुके है, उनको ही विपक्ष का नेता बना दिया जाये. सदन में पहुंचाने के लिए मधुपुर का रास्ता भाजपा चुनाव सकती है. हालांकि, खुद भाजपा अभी कुछ कहने को तैयार नहीं है. वैसे खुद रघुवर दास भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बन चुके है, ऐसे में वे मधुपुर सीट से खुद चुनाव लड़कर नया रिस्क लेंगे या नहीं, यह भी देखने वाली बात होगी. वैसे आजसू भी चाहती है कि इस सीट पर अपनी दावेदारी ठोकी है क्योंकि वह वहां दमदार उपस्थिति के साथ है. मधुपुर विधानसभा सीट दुमका लोकसभा सीट का हिस्सा है और झारखंड के मध्य क्षेत्र का हिस्सा है और इसकी 88 फीसदी आबादी ग्रामीण इलाके में रहती है. 12 फीसदी हिस्सा ही शहरी है. इसमें 11.77 फीसदी अनुसूचि जाति और 13.90 फीसदी अनुसूचित जनजाति के लोग है. इस चुनाव में वर्ष 2014 के चुनाव में भाजपा के राज पालिवार ने जीत हासिल की थी, जिनको कुल 37.3 फीसदी वोट मिले थे. झाामुमो के उम्मीदवार के तौर पर हाजी हुसैन अंसारी ने हार का मुंह देख लिया था. झारखंड विकास मोर्चा (जिसका विलय अब भाजपा में हो चुका है) तीसरे स्थान पर था जबकि कांग्रेस का उम्मीदवार चौथे और बसपा पांचवें स्थान पर था. इसके अलावा 2009 में झामुमो के हाजी हुसैन अंसारी ने जीत हासिल की थी जबकि झाविमो दूसरे, भाजपा तीसरे स्थान और कांग्रेस चौथे स्थान पर थी. वर्ष 2005 के चुनाव में भाजपा के राज पालिवार जीते थे जबकिक झामुमो के हाजी हुसैन इसमें दूसरे स्थान पर जबकि बसपा तीसरे, निर्दलीय चौथे स्थान पर और राजद पांचवें स्थान पर थी. नगरपालिका क्षेत्र और दुमका जिले का उपखंड कार्यालय होने के चलते यह क्षेत्र राज्य की सियासत में भी खासा दखल रखता है. यह क्षेत्र ब्रिटिशकाल में बड़े स्तर पर विकसित किया गया और अंग्रेजों ने यहां पर रेल चलाने के लिए मधुपुर जंक्शन बनाया. इस जंक्शन पर भाप से चलने वाले रेल के इंजनों के लिए कोयले को स्टोर किया जाता था. बंगाल के मशहूर लेखक आशुतोष मुखर्जी और उमा प्रसाद मुखर्जी भी इसी क्षेत्र से आते थे. इस इलाके में बहने वाली पथरो नदी और जयंती नदी बारिश के मौसम में विकराल रूप लेकर यहां के लोगों के लिए मुसीबत बन जाती है.





