
रांची : झारखंड सरकार के कैबिनेट की बैठक मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई. इस बैठक में वैसे तो यह कयास लगाये जा रहे थे कि पेट्रोल और डीजल पर कीमत को कम करने के लिए वैट की राशि घटायी जायेगी, लेकिन सरकार ने इस पर चुप्पी साध ली. इस बैठक में यह तय किया गया कि 16 दिसंबर से 22 दिसंबर तक झारखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र आहूत किया जायेगा, जिसमें 16 और 17 दिसंबर को चर्चा होगी. इसके बाद 18 और 19 दिसंबर को शनिवार और रविवार को छुट्टी रहेगी. इसके बाद 20, 21 और 22 दिसंबर को कामकाज करने का समय होगा और सत्र चलेगा. इसके अलावा कई अन्य प्रस्तावों को मंजूरी दी गयी.
इन प्रस्तावों को दी गयी मंजूरी :
- सर्वोच्च न्यायालय द्वारा एसएलपी सिविल नंबर-13473/2020 पंकज कुमार बनाम झारखंड राज्य एवं अन्य में दिनांक 19.08.2021 को पारित न्यायादेश के आलोक में अपीलकर्ता पंकज कुमार को उप समाहर्ता के पद पर नियुक्ति हेतु दिनांक 11.08.2010 के प्रभाव से अनुसूचित जाति श्रेणी में झारखंड प्रशासनिक सेवा के मूल कोटि का एक छायापद सृजित करते हुए पंकज कुमार को उप समाहर्ता के पद पर की गई नियुक्ति की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई.
- विभागीय अधिसूचना संख्या- 1803 दिनांक 31 मई 2013 द्वारा अधिसूचित झारखंड राज्य आपूर्ति सेवा नियमावली, 2013 में कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग झारखंड की अधिसूचना संख्या-3849, दिनांक 10 अगस्त 2021-सह-असाधारण गजट संख्या-418, दिनांक 12 अगस्त 2021के आलोक में संशोधन की स्वीकृति दी गई.
- झारखंड बाल विकास अराजपत्रित कर्मचारी (महिला पर्यवेक्षिका) सेवा संवर्ग (भर्ती, प्रोन्नति तथा सेवा शर्त) (संशोधन) नियमावली-2021 की स्वीकृति दी गई.
- महिला सुरक्षा बाल अराजपत्रित कर्मचारी महिला पर्यवेक्षिका भर्ती के नियमों में संशोधन किया गया.
- टैक्सटाइल फुटवेयर पॉलिसी को 19 सितंबर 2022 तक के लिए 18.09.2022 तक एक्सटेंशन दिया गया. अगर इस बीच नयी नीति आती है तो पुरानी पॉलिसी खुद विलोपित हो जायेगी.
- जन वितरण प्रणाली के कंप्यूटरीकरण प्रक्रिया के क्रम में सभी जन वितरण प्रणाली दुकानों में इ-पॉश के माध्यम से खाद्यान्न वितरण सुनिश्चित करने हेतु झारखंड वित्तीय नियमावली के नियम 235 के प्रावधानों को शिथिल करते हुए नियम 245 के तहत मे०लिंकवेल टेलीसिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड एवं मे० इंटीग्रा माईक्रोसॉफ्ट प्राइवेट लिमिटेड से आगामी 2+1 वर्षों तक इ-पॉश मशीनों की सर्विस सपोर्ट प्राप्त करने हेतु अवधि विस्तार देने की स्वीकृति दी गई.
- उच्च तकनीकी सेवा विभाग में झारखंड अभियंत्रण बहुप्रावैद्यिकी के सेवा संवर्ग ग्रुप ख और ग के तहत अराजपत्रित, लिपिक, लिपिक, टंकक, भर्ती के नियमों में संशोधन किया गया है. इसके तहत तय किया गया है कि राज्य के भीतर मान्यता प्राप्त संस्थान से स्नातक अथवा 10 प्लस टू की डिग्री हासिल करने वाले को बहाल किया जायेगा. उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, झारखंड के अंतर्गत “झारखंड अभियंत्रण/बहुप्रावैधिकी सेवा संवर्ग के ग्रुप ‘ख’ एवं ‘ग’ के अधीन अराजपत्रित पद लिपिक/लिपिक-सह-टंकक/टंकक/अन्य लिपिकीय सेवा (भर्ती, प्रोन्नति एवं अन्य सेवा शर्तें) (प्रथम संशोधन) नियमावली-2021” की स्वीकृति दी गई.
- बैंकों में सरकारी पैसा रखने, खाता खोलने के लिए मापदंड तय करने के लिए एक कमेटी बनायी गयी है, जिसमें अध्यक्ष वित्त विभाग के सचिव या विशेष सचिव होंगे जबकि उसमें जीएम नाबार्ड, एसएलबीसी के चेयरमैन को संयोजक बनाया गया है.
- झारखंड चिकित्सा सेवा शर्त नियमावली में भी बदलाव किया गया है. इसके तहत राष्ट्रीय आर्युविज्ञान संस्थान से मान्यता प्राप्त स्नातकोत्तर, मान्यता प्राप्त रेसीडेंट और सीनियर रेसीडेंट को तीन साल का अनुभव होने के बाद सहायक प्राध्यापक के पद पर मेडिकल कॉलेजों में बहाल किया जा सकेगा. झारखंड चिकित्सा शिक्षा (नियुक्ति, प्रोन्नति एवं सेवा शर्त) (द्वितीय संशोधन) नियमावली-2021 के गठन की स्वीकृति दी गई.
- झारखंड विधानसभा के सप्तम शीतकालीन सत्र का 16 से 22 दिसंबर तक संचालन किया जायेगा.
- नेशनल जियोग्राफी के माध्यम से राज्य के वाइल्ड लाइफ, एडवेंचर, पीपुल एंड कल्चर, इस्टीम झारखंड पर डॉक्यूमेंट्री बनाने के लिए 2 करोड़ 37 लाख रुपये के चयन को मंजूरी दी गयी.
- विभागीय अधिसूचना संख्या-5173, दिनांक-26.11.2012 द्वारा अधिसूचित झारखंड राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला लिपिकीय सेवा संवर्ग (भर्ती, प्रोन्नति एवं अन्य सेवा शर्त) नियमावली, 2012 में कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग झारखंड की अधिसूचना संख्या-3849, दिनांक-10.08.2021-सह-असाधाण गजट संख्या-418, दिनांक-12.08.2021 के आलोक में संशोधन की स्वीकृति दी गई.
- वित्तीय वर्ष 2021-2024 की अवधि के लिए “आयुष्मान भारत- मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना” के कार्यान्वयन एवं झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना से आच्छादित हरा कार्डधारित लाभुकों को उक्त योजना के तहत आच्छादित करने हेतु घटनोत्तर स्वीकृति दी गई.




