
गोड्डा : गोड्डा जिले के महगामा विधानसभा की कांग्रेस विधायक दीपिका पांडेय सिंह और पुलिस के बीच की अदावत पुरानी है. अब एक नया मामला सुर्खियों में है. महगामा की विधायक और जमशेदपुर की बहु दीपिका पांडेय सिंह अभी एक सस्पेंड पुलिस अधिकारी से भिड़ गयी. इसको लेकर अब मामला गर्मा गया है. झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने इस मामले में डीआइजी को पत्र लिखकर पूरे विवाद के मामले की सीआइडी जांच करने की मांग कर दी है. पुलिस एसोसिएशन ने कहा है कि महगामा की विधायक की हरकतों के कारण पुलिसवालों में सरकार के प्रति असंतोष की स्थिति है. एसोसिशएन ने कहा है कि यदि विधायक का रवैया ऐसा ही रहेगा तो झारखंड पुलिस आंदोलन को उतारू हो जायेगी. इन लोगों ने मांग की है कि विधायक दीपिका पांडेय सिंह को तत्काल गिरफ्तार किया जाये. एसोसिएशन ने यह भी आरोप लगाया है कि दीपिका पांडेय सिंह विधायक होने का रौब दिखाती है और पुलिसवालों के काम में हस्तक्षेप करती है. इन लोगों ने सवाल किया है कि गोड्डा जिला में या किसी थाना में जाना है तो विधायक की परमिशन लेनी होगी. विधायक गोड्डा पुलिस को अपने हिसाब से चलाना चाहती है. इस घटना से वे लोग काफी मर्माहत है.
यह है मामला, जानें क्या हुआ था और क्या कहना है
झारखंड पुलिस एसोसिएशन के मुताबिक, दारोगा गौतम कश्यप सस्पेंड चल रहे है. वे अपने लंबित मामलों का प्रभार देने के लिए मेहरमा के पुलिस लाइन गये थे. इसी बीच वहां के एक व्यक्ति राजेश लाला ने उनको अपने घर पर बुला लिया. वहां वे मिलने चले गये. इसी बीच विधायक दीपिका पांडेय सिंह वहां अपने सहयोगी रोबिन मिश्रा के साथ पहुंची और दारोगा के साथ मारपीट करने लगी और दस्तावेज भी फाड़ दिये. कुछ दस्तावेज की लूट भी विधायक ने कर ली. इस मामले में उक्त दारोगा ने विधायक के खिलाफ एफआइआर दर्ज करा दिया. हालांकि, जब मामले में एफआइआर की बात सामने आयी तो खुद विधायक मेहरमा थाना पहुंची और खुद धरना पर बैठ गयी थी. काफी हंगामा हुआ, जिसके बाद दारोगा के खिलाफ भी एफआइआर दायर हुआ. पुलिस एसोसिएशन का आरोप है कि झूठा मुकदमा पुलिसवालों के खिलाफ दर्ज करा दिया गया जबकि महगामा विधायक दीपिका पांडेय सिंह का आरोप है कि यह गलत आरोप है. दारोगा ने उनको देखकर मारपीट की. वैसे आपको बता दें कि विधायक दीपिका पांडेय सिंह के खिलाफ महगामा विधानसभा क्षेत्र के पांच थाना प्रभारियों मेहरमा, महगामा, हरवारा, बलवाअड्डा और ठाकुर गंगटी के थाना प्रभारियों ने अपना तबादला की मांग की थी. इधर दीपिका पांडेय सिंह ने कहा है कि उनको विधायक जानकर भी उनके साथ बदसलूकी उक्त दारोगा ने कर दी. दूसरी ओर, विधायक ने यह भी कहा है कि पुलिसवाले संगठित होकर अपराध को छिपाने की कोशिश कर रहे है और विधायिका को ही दबाने की कोशिश कर रहे है.




