
रांची : मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने लॉकडाउन के तीसरे दिन कोरोना वायरस से निपटने के लिए सूचना भवन में स्थापित राज्यस्तरीय नियंत्रण कक्ष का निरीक्षण किया. जहां मुख्यमंत्री ने राज्य के वरीय अधिकारियों के साथ कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए उठाए जा रहे कदमों की समीक्षा की. वहीं मुख्यमंत्री ने
सभी अधिकारियों को कार्य का आबंटन कर लोगों को राहत पहुंचाने का कार्य करने का निर्देश दिया. साथ ही छोटे कार्गो विमान की व्यवस्था करने का निर्देश दिया ताकि जरूरी सामान दूसरे राज्यों से आ सके. इसके अलावा राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम में मिलने वाली सूचनाओं पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो इसपर भी मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जरूरी दिशानिर्देश दिया. वहीं बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में जहां कहीं भी होम क्वारंटाइन हो रहा है, उसे तत्काल बंद करने का निर्देश जारी करते हुए हुए साफ कर दिया है कि सरकार के क्वारंटाइन में लोग रहेंगे. उन्होंने कहा हमें चीजों को समझना होगा. ग्रामीण या शहरी क्षेत्रों में घर छोटे- छोटे होते हैं. ऐसी स्थिति में परिवार के सदस्यों या संपर्क में आने वाले व्यक्ति में संक्रमण फैलने का खतरा हो सकता है. इस बात का सभी अधिकारी ध्यान रखें. राज्य में होने वाली मृत्यु की भी जानकारी जुटाएं और मौत के कारणों को जानें. पूरी जांच होनी चाहिए. आप सभी 21 दिन का नहीं 2 माह का बैकअप लेकर काम करें. थर्मल गन, जांच मशीन, मास्क, टेस्ट किट, पीसीआर मशीन, पीपीए ड्रेस, ग्लोब्स जैसे जरूरी चीजों की कमी नहीं होनी चाहिए. यह सभी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो, यह आप सभी सुनिश्चित करेंगे. ये बातें मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कही. मुख्यमंत्री ने राज्यवार और जिलावार कार्य अधिकारियों को सौंपने का निर्देश दिया. मुख्यमंत्री ने झारखण्ड में पदस्थापित अन्य राज्य के आईएएस अधिकारियों से फंसे लोगों की मदद अपने स्तर से करने का अनुरोध किया. वहीं समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव डॉ डीके तिवारी, अपर मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह, प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, प्रधान सचिव अविनाश कुमार, प्रधान सचिव डॉ नितिन मदन कुलकर्णी, पुलिस महानिदेशक एमवी राव, विशेष सचिव रमाकांत सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपालजी तिवारी, निदेशक सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, राजीव लोचन बक्शी, मुख्यमंत्री के प्रेस सलाहकार अभिषेक प्रसाद व अन्य उपस्थित रहे.
अधिकारियों को कार्य की जिम्मेवारी सौंपे
मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान विभागों में कार्य नहीं हो रहा है, ऐसे में अधिकारियों को कार्य की जिम्मेवारी दें. इसको लेकर एक संरचना तैयार करने का निर्देश उन्होंने देते हुए कहा कि तत्काल हर स्तर पर नोडल अफसर नियुक्त होना चाहिए, जिनपर राज्य के बाहर फंसे लोगों को मदद पहुंचाने, जरूरतमंदों को राशन व जरूरी सामान उपलब्ध कराने हेतु कार्य सौंपा जाए. राज्यवासियों का पूरा ध्यान रखना सरकार की प्राथमिकता में है.
बाहर से आए लोगों की निगरानी रखें, बाहर फंसे लोगों की मदद करें
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बाहर से आने वाले लोगों की कड़ी निगरानी करें. उनके क्वारंटाइन को प्राथमिकता दें. साथ ही राज्य के बाहर फंसे झारखंड के लोगों की मदद करें. इसके लिए विभिन्न राज्यों के कंट्रोल रूम का नंबर फंसे हुए लोगों को उपलब्ध कराएं. झारखंड में संचालित कंट्रोल रूम का नंबर पूरे देश में प्रसारित करें, ताकि फंसे लोगों को मदद पहुंचाया जा सके. देश के राज्यों के फूड सप्लाई डिपार्टमेंट से भी संपर्क स्थापित कर फंसे हुए लोगों को खाद्यान्न उपलब्ध कराने की व्यवस्था करें. इस कार्य में स्वंय सेवी संस्थाओं की भी मदद लेने का निर्देश मुख्यमंत्री ने दिया.
छोटे मालवाहक विमान की व्यवस्था करें
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉक डाउन के दौरान अन्य राज्यों से जरूरी मशीन, दवा व अन्य जरूरी वस्तुओं को लाने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. ऐसी स्थिति में एक छोटे मालवाहक विमान की व्यवस्था करें, ताकि जरूरी सामान झारखंड समय पर आ सके.
जो जानना जरूरी है…
कोरोना वायरस के संबंध में जानकारी उपलब्ध कराने के लिए तीन राज्य स्तरीय कंट्रोल कार्य कर रहें हैं.
93 व्यक्तियों की जांच की गई, जिसमें सभी नेगेटिव मिले.
वहीं समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री को कई फोन कॉल आए जिसमें विभिन्न राज्यों में फंसे लोगों ने अपनी व्यथा व्यक्त की.







