जमशेदपुर : झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने कहा कि वर्तमान विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान प्रत्येक पात्र भारतीय नागरिक का नाम मतदाता सूची में दर्ज होना अत्यंत महत्वपूर्ण है. विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत तैयार मतदाता सूची एवं उससे संबंधित दस्तावेजों को परमानेंट डॉक्यूमेंट के रूप में संरक्षित किया जाता है. वर्तमान में वर्ष 2003 के विशेष गहन पुनरीक्षण की मतदाता सूची में जिन मतदाताओं के नाम दर्ज हैं, उन्हें तथा उनके बच्चों को वर्तमान मतदाता सूची से मैपिंग की जा रही है. भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप विगत एसआईआर के डॉक्यूमेंट को सुपीरियर डॉक्यूमेंट के रूप में माना गया है. इसी प्रकार वर्तमान विशेष गहन पुनरीक्षण के अभिलेख भविष्य में संबंधित मतदाताओं एवं उनकी संतानों के लिए महत्वपूर्ण सहयोगी दस्तावेज सिद्ध होंगे इसलिए प्रत्येक पात्र भारतीय नागरिक वर्तमान मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया में सक्रिय सहभागिता करते हुए मतदाता सूची में अपना तथा अपने परिवार के सभी पात्र सदस्यों का नाम अवश्य सुनिश्चित करे. (नीचे भी पढ़े)

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी गुरुवार को पूर्वी सिंहभूम जिले के 45–घाटशिला विधानसभा अंतर्गत मतदान केंद्र संख्या 72,73, 86 एवं 90 तथा 44–बहरागोड़ा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत मतदान केंद्र संख्या 270, 152 क्षेत्रों का भ्रमण कर झारखंड में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत किए जा रहे कार्यों का भौतिक निरीक्षण कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने संबंधित मतदान केंद्रों के बूथ लेवल पदाधिकारियों द्वारा उनके क्षेत्रों में मतदाता सत्यापन, पात्र नागरिकों के पंजीकरण, मतदाता सूची की शुद्धता तथा घर-घर संपर्क के माध्यम से किए जा रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण का प्रमुख उद्देश्य प्रत्येक पात्र भारतीय नागरिक का नाम मतदाता सूची में सुनिश्चित करना एवं एक भी विदेशी नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल न हो यह सुनिश्चित करने के साथ मतदाता सूची को शुद्ध, अद्यतन एवं त्रुटिरहित बनाना है. उन्होंने बीएलओ को निर्देश दिया कि वे अपने मतदान केंद्र क्षेत्र के प्रत्येक घर तक पहुंचकर पात्र नागरिकों का सत्यापन करें तथा ‘होम-टू-रोल’ को प्रभावी रूप से लागू करें. प्रत्येक घर एवं परिवार के सभी पात्र सदस्यों का मतदाता सूची से सही जुड़ाव सुनिश्चित किया जाए, ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता पंजीकरण से वंचित न रह जाए. (नीचे भी पढ़े)

के रवि कुमार ने ‘एक परिवार–एक मतदान केंद्र’ पर विशेष बल देते हुए कहा कि एक ही परिवार के सभी पात्र सदस्यों के नाम एक ही मतदान केंद्र की मतदाता सूची में दर्ज होने चाहिए. यदि किसी परिवार के सदस्यों के नाम अलग-अलग मतदान केंद्रों अथवा अलग-अलग भागों में दर्ज हैं, तो फॉर्म 8 भरकर आवश्यक सुधार की कार्रवाई की जाए. इससे परिवार के सभी मतदाताओं को एक ही मतदान केंद्र पर अपने मताधिकार का प्रयोग करने की सुविधा प्राप्त होगी. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने पात्र युवा नागरिकों को मतदाता सूची से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके अथवा निर्धारित अर्हता तिथियों के अनुसार पात्र होने वाले युवाओं को मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया की जानकारी दी जाए तथा फॉर्म-6 के माध्यम से उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने में आवश्यक सहायता प्रदान की जाए. शैक्षणिक संस्थानों, आवासीय क्षेत्रों तथा युवाओं की अधिक संख्या वाले स्थानों पर जागरूकता गतिविधियां आयोजित कर उनका शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए. इसी क्रम में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने घाटशिला के किताडीह स्थित सोना देवी विश्वविद्यालय में 13 अगस्त को आयोजित चौथे इंडक्शन-सह-ओरिएंटेशन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया और नव नामांकित विद्यार्थियों को मतदाता सूची से जुड़ने के लिए प्रेरित किया. (नीचे भी पढ़े)

उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि मतदाता के रूप में पंजीकरण केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सक्रिय सहभागिता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्रत्येक पात्र युवा मतदाता सूची में अपना नाम अवश्य दर्ज कराए, अपने विवरण की जांच करे तथा अपने सहपाठियों एवं आसपास के अन्य पात्र युवाओं को भी इसके लिए जागरूक करे. उन्होंने विश्वविद्यालयों एवं अन्य शैक्षणिक संस्थानों से पात्र विद्यार्थियों का मतदाता सूची में शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित करने में निर्वाचन तंत्र को सक्रिय सहयोग प्रदान करने का आह्वान किया. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने घाटशिला में घर घर सर्वेक्षण की वस्तुस्थिति को जानने हेतु विभिन्न मतदान क्षेत्र के मतदाताओं के घर घर जाकर उनसे मुलाकात की. उन्होंने बताया कि यदि झारखंड का कोई पात्र नागरिक वर्तमान में किसी अन्य राज्य की मतदाता सूची में पंजीकृत है और अब सामान्य रूप से झारखंड में निवास कर रहा है, तो वह फॉर्म 8 भरकर अपना नाम झारखंड के संबंधित निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में स्थानांतरित कराने के लिए आवेदन कर सकता है. बीएलओ ऐसे मतदाताओं को आवेदन प्रक्रिया की सही जानकारी दें तथा आवश्यकतानुसार उनका मार्गदर्शन करें.(नीचे भी पढ़े)

मतदाता सूची में दर्ज विवरण में किसी प्रकार की त्रुटि होने पर भी निर्धारित प्रपत्र के माध्यम से संशोधन के लिए आवेदन किया जा सकता है. के रवि कुमार ने बीएलओ को निर्देश दिया कि मतदाताओं द्वारा प्रस्तुत आवेदनों एवं दस्तावेजों का सावधानीपूर्वक सत्यापन किया जाए. मतदाता सूची में नाम जोड़ने, स्थानांतरित करने अथवा विवरण में संशोधन से संबंधित प्रत्येक आवेदन का निष्पादन भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से किया जाए. किसी भी पात्र मतदाता का नाम निर्धारित प्रक्रिया एवं सक्षम प्राधिकारी के आदेश के बिना मतदाता सूची से नहीं हटाया जाए. उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करना निर्वाचन तंत्र की सामूहिक जिम्मेदारी है कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे और किसी भी विदेशी अथवा अपात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में शामिल न हो. इसके लिए बीएलओ घर-घर जाकर तथ्यपरक एवं निष्पक्ष सत्यापन करें तथा स्थानीय स्तर पर प्राप्त सूचनाओं एवं दस्तावेजों का निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार परीक्षण करें. (नीचे भी पढ़े)

मतदाता सूची की शुद्धता एवं विश्वसनीयता सुनिश्चित करने में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए. निरीक्षण के दौरान मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने संबंधित मतदान केंद्रों की मतदाता सूची, क्षेत्रीय सत्यापन की स्थिति तथा बीएलओ द्वारा संधारित फॉर्म का अवलोकन किया. उन्होंने बीएलओ से क्षेत्र में कार्य करने के दौरान सामने आ रही व्यावहारिक समस्याओं की जानकारी ली और मतदाताओं के साथ नियमित संवाद बनाए रखने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि बीएलओ भारत निर्वाचन आयोग और मतदाताओं के बीच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं. उनके सक्रिय, निष्पक्ष एवं संवेदनशील प्रयासों से ही मतदाता सूची को अधिक समावेशी, शुद्ध और विश्वसनीय बनाया जा सकता है. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान बीएलओ द्वारा किए जा रहे परिश्रम एवं घर-घर संपर्क अभियान की सराहना की. उन्होंने बीएलओ को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वे पूरी निष्ठा, संवेदनशीलता एवं जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें. (नीचे भी पढ़े)

प्रत्येक पात्र नागरिक तक पहुंचना, उसे आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराना तथा मतदाता सूची से संबंधित आवेदन प्रस्तुत करने में सहयोग प्रदान करना बीएलओ की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है. के रवि कुमार ने आम नागरिकों से अपील की कि वे मतदाता सूची में अपने तथा अपने परिवार के सभी पात्र सदस्यों के नाम एवं अन्य विवरण की जांच अवश्य करें. नाम दर्ज नहीं होने, निवास स्थान बदलने अथवा किसी विवरण में त्रुटि पाए जाने पर निर्धारित प्रपत्र के माध्यम से समय पर आवेदन करें. साथ ही सत्यापन के लिए आने वाले बीएलओ को सही जानकारी एवं आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराते हुए पूर्ण सहयोग प्रदान करें. इस अवसर पर जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त राजीव रंजन, उप निर्वाचन पदाधिकारी प्रियंका सिंह, 45-घाटशिला विधानसभा क्षेत्र एवं 44-बहरागोड़ा विधानसभा क्षेत्र के ईआरओ, एईआरओ सहित निर्वाचन कार्य से जुड़े अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे.




