
जमशेदपुर : परिवहन मंत्रालय की ओर से फास्टैग को अनिवार्य कर दिया गया है. यह नियम देश के सभी टोल प्लाजा में सोमवार की रात 12 बजे से लागू कर दिया जाएगा. ऐसे में अगर आपके वाहन में फास्टैग नहीं है तो टोल टैक्स के रुप में आपको दुगने रुपये देने होंगे. यानि अगर किसी टोल प्लाजा पर आपको पहले 50 रुपये देने पड़ते थे वहीं अब आपको फास्टैग नहीं होने पर 100 रुपये देने होंगे. जिन वाहनों में फास्टैग लगा है उन्हे कतार में रुकने की जरुरत नहीं है. (नीचे भी पढ़ें)
क्या है फास्टैग और यह काम कैसे करता है
आपके मन में भी ये सवाल होगा की फास्टैग है क्या. फास्टैग एक इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन तकनीक है. इसमें रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) का इस्तेमाल होता है. जिसे आपको अपनी गाड़ी के विंडशील्ड पर अंदर की तरफ से लगाना पड़ता है. जैसे ही आपकी गाड़ी टोल प्लाजा के पास आती है, तो टोल प्लाजा पर लगा सेंसर आपके वाहन के विंडस्क्रीन पर लगे फास्टैग को स्कैन कर लेता है. इसके बाद आपका फास्टैग अकाउंट से टोल प्लाजा पर लगने वाला शुल्क कट जाता है. इस तरह आप टोल प्लाजा पर रुके बगैर शुल्क का भुगतान कर पाते हैं. फास्टैग अकाउंट की राशि खत्म होने पर उसे फिर से रिचार्ज करवाना होता है. (नीचे भी पढ़ें)
कहां से खरीदे फास्टैग
फास्टैग को खरीदने के लिए आपके पास कई सारे विकल्प हैं. इसे आप पेटीएम, अमेजॉन और फ्लिपकार्ट जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से खरीद सकते हैं. इसके अलावा फिनो पेमेंट्स बैंक और पेटीएम पेमेंट्स बैंक भी फास्टैग जारी करते है. इतना ही नहीं इसे आप बैंक से भी खरीद सकते हैं. आप टोल प्लाजा में लगाए गए फास्टैग स्टॉल से इसकी खरीददारी कर सकते है. (नीचे भी पढ़ें)
फास्टैग को कैसे रिचार्ज करे
यदि फास्टटैग एनएचएआई प्रीपेड वॉलेट से जुड़ा है, तो इसे चेक के माध्यम से या यूपीआई, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, एनईएफटी, नेट बैंकिंग आदि के माध्यम से रिचार्ज किया जा सकता है. अगर फास्टटैग बैंक खाते से लिंक होता है, तो पैसे सीधे खाते से काट लिया जाता है. अगर फास्टटैग पेटीएम वॉलेट से लिंक होता है, तो पैसे सीधे वॉलेट से काट लिया जाता है.





