
जमशेदपुर : झारखंड की राजनीति के भीष्म पिता कहे जाने वाले सरयू राय ने 2016 के राज्यसभा चुनाव के वक्त हॉर्स ट्रेडिंग मामले में सीआईडी जांच मामले में यू टर्न को लेकर मचे घमासान के बीच बड़ा बयान जारी करते हुए कहा है, कि ऐसे मामलों की जांच होनी चाहिए इसमें पीछे हटने पर सवाल खड़ा होता है. उन्होंने कहा है चाहे मैं ही क्यों ना रहूं अगर मुझसे भी पूछताछ होती है तो मेरी नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि मैं जांच एजेंसी का सहयोग करूं. उनका इशारा पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास की ओर था. आपको बता दें सीआईडी उनसे भी पूछताछ करने का मन बना रही है. इस संबंध में पूर्व मुख्यमंत्री ने कुछ भी बताने से पहले ही मना कर दिया है. वही सरयू राय ने कहा कि झारखंड में हर बार राज्यसभा चुनाव के वक्त ऐसी स्थिति बनती है. उन्होंने बताया कि झारखंड में राज्यसभा के लिए 2 सीटें हैं, लेकिन तीसरे व्यक्ति की उम्मीदवारी से ऐसी स्थिति बनती है. वहीं उन्होंने इस बार भी तीन प्रत्याशी दिए जाने पर आपत्ति जताई है. उन्होंने कहा है कि जिन दलों के पास बहुमत है वे अपने प्रत्याशी दे सकते हैं. उन्होंने कांग्रेस द्वारा अपने प्रत्याशी को तीसरे प्रत्याशी के रूप में उतारे जाने पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस से पुनर्विचार किए जाने की अपील की है. सरयू राय अपने विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत पड़ने वाले टिमकन कंपनी द्वारा हर दिन जरूरतमंदों को भोजन कराए जाने की योजना की शुरुआत करने पहुंचे थे. उन्होंने ऐसे औद्योगिक घरानों को आगे आने की अपील की है. उन्होंने कहा है कि वैश्विक संकट के इस दौर में कंपनियों को सीएसआर के तहत ऐसी योजनाएं चलानी चाहिए. आपको बता दें कि जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत पड़ने वाले टिमकन कम्पनी प्रबंधन की ओर से आज से जरूरतमंदों के बीच भोजन कराने का निर्णय लिया गया है, चाहे वो प्रवासी मजदूर हो या कंपनी के कामगार.




