पलामू : झारखंड के पलामू जिला के हुसैनाबाद थाना क्षेत्र के जपला धरहारा निवासी ताबिश अंसारी की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है. पलामू पुलिस की ओर से संवाददाता सम्मेलन कर इस घटना की सारी कहानी सामने लायी गयी. ताबिश अंसारी का शव 8 जुलाई को जपला धरहारा स्थित नहर में बरामद किया गया था. इसके बदा से पुलिस मामले की जां कर ही थी. एसपी पलामू के निर्देश पर हुसैनाबाद के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) मो याकुब के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित कर त्वरित कार्रवाई आरंभ की गई. प्रारंभिक जांच में पता चला कि मृतक ताबिश अंसारी मुहर्रम के दिन अपने मित्र अजहरूद्दीन से विनय जनरल स्टोर जाने की बात कहकर अभियुक्त तबरेज आलम के साथ निकला था, परंतु वापस नहीं लौटा. (नीचे भी पढ़ें)
बाद में तबरेज द्वारा ताबिश का मोबाइल उसके घर पहुंचा दिया गया, जिससे संदेह और गहराया. तकनीकी साक्ष्य, घटनाक्रम की बारीकी से विवेचना, गुप्त सूचना और अन्य साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि मृतक और अभियुक्त साथ में कार्यरत थे. ताबिश के कारण तबरेज की नौकरी छूट गई थी. ताबिश के पास अभियुक्त की कुछ राशि बकाया थी. इसी पुरानी रंजिश को लेकर अभियुक्त ने ताबिश की हत्या की योजना बनाई. 6 जुलाई को अभियुक्त तबरेज आलम ने मृतक को नशे का इंजेक्शन देकर बेसुध किया, फिर पट्टी से गला घोंट कर हत्या कर दी और शव को नहर में फेंक दिया. पुलिस ने हत्या के आरोपी तबरेज अंसारी को गिरफ्तार किया है और नशे का इंजेक्शन को भी बरामद किया है. केटामाइन का खाली वायल बरामद किया गया है, जिसको उन लोगों द्वारा दिया गया था.



