हजारीबाग : झारखंड के हजारीबाग जिले में महेश नामक एक व्यक्ति ने अपने गले में लगे ईसाई समुदाय के क्रॉस की माला को उतार दिया और अपने पूर्वजों के सनातन धर्म (हिंदू) धर्म में रहने की बात कहीं. इस मौके पर हजारीबाग के सदर के भाजपा विधायक मनीष जायसवाल ने तो उनका पैर छूकर उनकी घर वापसी का स्वागत किया. यह घटना शनिवार को हुई, जिसमें जायसवाल दिग्वार पंचायत के चानो खूर्द पहुंचे और धर्मांतरण के बाद ईसाई धर्म कबूल कर चुके महेश हेम्ब्रम का घर वापसी का स्वागत किया. महेश के परिवार ने कहा कि उनका मतिभ्रमित हो गया था, जिस कारण वे लोग ईसाई धर्म अपना चुके थे. अब वे लोग अपने पूर्वजों की तरह ही सनातन धर्म में वापस कर गये है. इस मौके पर विधायक आसपास के गांव में ही रहे और लोगों से मिलते रहे. विधायक ने यहां लोगों से अपील की कि वे लोग पूर्वजों का धर्म में ही रहे और उसको छोड़ने की जरूरत नहीं है. आपको बता दें कि हजारीबाग के इचाक, बड़कागांव, सदर प्रखंड, दारु, पदमा, शहरी क्षेत्र के अमृतनगर, टाटीझरिया, मेन बड़े पैमाने पर धर्मांतरण का खेल चल रहा है. विधायक ने प्रशासन पर कार्रवाई करने की मांग की और चेतावनी दी कि अगर इस तरह के कदम को नहीं रोका गया तो वे लोग आंदोलन करेंगे. विधायक ने कहा कि बीमारी दूर करने, सेवा की आड़ में धर्मांतरण कराया जा रहा है, जिसको बरदाश्त नहीं किया जायेगा. विधायक ने कहा कि धर्मांतरित हो चुके परिवार वालों की सामूहिक वापसी वे करायेंगे. दिग्वार मुखिया महेंद्र मुर्मू के नेततृत्व में ही धर्मांतरण करेंगे. विधायक को महेश हेम्ब्रम ने बताया कि उनके घर में कई तरह के कलेश और बीमारी थी. उसने ब ताया कि ईसाई मिशनरियों के धर्मांतरण कराने वाले लोगों ने चर्च आने और धर्म परिवर्तन का हवाला देते हुए सभी प्रकाश के तकलीफों से निजात दिलाने और कई प्रकार के लालच देख क्रॉस पहनवाया और धर्म परिवर्तन कराया था.





