रांची : मनरेगा घोटाले मामले में निलंबित आईएएस पूजा सिंघल को जमानत के लिए और इंतजार करना होगा. आज सुनवाई के दौरान उन्हें जमानत नहीं मिली, जमानत पर अगली सुनवाई 19 जुलाई को होगी. आज सुनवाई के दौरान ईडी ने जबाव दाखिल किया, जिसके बाद ईडी कोर्ट की ओर से अगली सुनवाई की तिथि निर्धारित की गई. इससे पहले पूजा सिंघल सहित पूजा सिंघल के पति अभिषेक झा, सीए सुमन सिंह, खूंटी जिला परिषद के तत्कालीन कनीय अभियंता राम विनोद सिन्हा, तत्कालीन सहायक अभियंता राजेंद्र जैन, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता जय किशोर चौधरी, खूंटी विशेष प्रमंडल के तत्कालीन कार्यपालक अभियंता शशि प्रकाश के के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है. प्रवर्तन निदेशालय ने 200 पन्नों का आरोप पत्र दाखिल किया है जिसमें बताया गया है कि चतरा, खूंटी और पलामू डीसी रहते हुए पूजा के खाते में सैलरी से 1.43 करोड अधिक थे ईडी ने इन तीनों जिलों में उनके डीसी रहने के दौरान के अलग-अलग बैंक खातों व दूसरे निवेशों की जानकारी जुटाई. खूंटी में मनरेगा का घोटाला फरवरी 2009 से जुलाई 2010 के बीच हुआ उस समय पूजा सिंघल वहां की डीसी थी. बता दें कि ईडी ने 6 मई को तत्कालीन खान सचिव पूजा सिंघल के सरकारी व निजी आवास उनके पति अभिषेक झा और उनके सीए सुमन सिंह समेत 25 ठिकानों पर छापेमारी की थी जिसमें सीए सुमन सिंह के आवास से ईडी को 19.31 करोड़ रुपए नगद बरामद हुए थे. 11 मई को ईडी ने पूजा सिंघल को गिरफ्तार किया था और 25 मई से वह सलाखों के पीछे हैं.







