
रांची : झारखंड विधानसभा भवन में राज्यसभा की दो सीटों के लिए मतदान हुआ. इस दो सीट के लिए झामुमो के सुप्रीमो गुरुजी शिबू सोरेन, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश और कांग्रेस के प्रत्याशी शहजादा अनवर चुनाव मैदान में है. कुल 79 विधायक ही मतदान करने वाले थे क्योंकि बेरमो से विधायक राजेंद्र सिंह का देहांत हो चुका है जबकि दुमका सीट को हेमंत सोरेन ने छोड़ दिया है. इन दो सीटों के अलावा सारे विधायक वोट करने के लिए पहुंचे.

शाम चार बजे तक मतदान होना था, लेकिन दोपहर के करीब तीन बजे तक सभी लोगों ने मतदान कर दिया था. भाजपा के सारे विधायक पहले से ही भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सह झारखंड प्रभारी ओम माथुर समेत अन्य लोगों के निर्देश पर एक साथ रांची के सरला-बिरला स्कूल में रखे गये थे. जहां से सारे विधायक दो बसों में भरकर सीधे झारखंड विधानसभा में मतदान किया और फिर वहां से बाहर निकले. इस दौरान खुद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी विधानसभा में मतदान के दौरान मौजूद रहे जबकि भाजपा के सारे बड़े नेता यहां मौजूद थे. इसके अलावा भाजपा को दो निर्दलीय विधायक सरयू राय और अमित यादव का भी पूरा साथ मिला, जिन्होंने पहले ही घोषणा कर दी थी कि वे लोग भाजपा के साथ है.

दूसरी ओर, भाजपा के बाघमारा के विधायक ढुल्लू महतो जेल में थे. कोर्ट के आदेश के आलोक में पुलिस की अभिरक्षा में विधानसभा में उनको लाया गया, जहां उन्होंने भी अपने मताधिकार का प्रयोग किया. आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो और उनके एक और विधायक लंबोदर महतो ने भी भाजपा के पक्ष में ही मतदान किया. भाजपा के विपक्ष के नामित नेता बाबूलाल मरांडी समेत अन्य लोगों ने भी हिस्सा लिया. ये लोग भी भाजपा के पक्ष में ही मतदान किये. इसके अलावा राज्य के तमाम मंत्रीगण ने भी मतदान किया और खुद जीत का दावा किया. शाम को पांच बजे तक मतगणना पूरा होने के बाद रिजल्ट जारी कर दिया जायेगा.

वैसे अंक गणित की बात की जाये तो एक व्यक्ति को 27 मत मिलने पर विजेता घोषित हो सकते है, जिसके तहत झामुमो के पास अपना ही 29 विधायक है, जिस कारण गुरुजी शिबू सोरेन की जीत तय है. कांग्रेस का 15 और राजद का एक मत है. इसके अलावा प्रदीप यादव और बंधु तिर्की के साथ एनसीपी के कमलेश सिंह और एक माले के बिनोद सिंह का भी मत है, जो शिबू सोरेन को मिल सकता है. इस कारण सबसे ज्यादा मतों से चुनाव जीतते झामुमो के शिबू सोरेन ही दिख रहे है जबकि भाजपा के पास कुल 25 विधायक थे. बाबूलाल मरांडी के आने के बाद यह संख्या बढ़कर 26 हो गया है. ऐस में आजसू का मत मिलता है तो कुल संख्या 28 हो जाता है जबकि निर्दलीय सरयू राय और अमित यादव भी भाजपा के साथ है, जिस कारण 30 मतों में किसी तरह का कोई दाग ही नहीं है. ऐसे में भाजपा के प्रत्याशी की जीत तय है. कांग्रेस प्रत्याशी शहजादा अनवर शुरू से ही मुश्किलों में है. कांग्रेस के एक विधायक राजेंद्र सिंह का निधन हो चुका है, जिस कारण कांग्रेस के पास अभी सिर्फ 15 विधायक ही है. अगर राजद आ जाता है और बंधु तिर्की और प्रदीप यादव का भी मत जोड़ लिया जाये तो यह संख्या राजद के एक विधायक को मिलाकर 18 हो जाता है. एनसीपी और माले के विधायकों के वोट को भी जोड़ दिया जाये तो यह संख्या 20 के पार नहीं जाती दिख रही है. ऐसे में कांग्रेस के प्रत्याशी की जीत पर संशय है. हालांकि, कांग्रेस अपनी जीत का अब भी दावा कर रही है.






