
रांची : टोक्यो ओलंपिक में इतिहास रचने वाली भारतीय महिला हॉकी टीम की सदस्य झारखंड की बेटियां सलीमा टेटे व निक्की प्रधान रांची एयरपोर्ट जैसी ही पहुंची, वहां पर दोनों को गर्मजोशी से स्वागत किया गया. रांची एयरपोर्ट पर खेल मंत्री हफीजुल हसन, सिमडेगा विधायक भूषण बाड़ा और खेल निदेशक जिशान कमर ने उनका स्वागत किया. दोनों ही बेटियों की फूल माला पहनाते हुए वहां मौजूद लोगों ने सराहना की. यहां से दोनों फूलों से सजे वाहन से प्रोजेक्ट भवन जायेंगी. जहां मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सम्मान राशि, एक- एक स्कूटी और पक्का घर बनाने से संबंधित कागजात देंगे. विदित हो कि हॉकी टीम में शामिल भारत की बेटियां पदक चूक गई है, लेकिन ओलंपिक के इतिहास में पहली बार भारतीय महिला हॉकी में चौथे स्थान तक पहुंचने में सफल रही है. इनके साथ हॉकी झारखंड के प्रमुख भोलानाथ सिंह व झारखंड एथलेटिक्स संघ के मधुकांत पाठक भी पहुंचे.

इससे पहले भारतीय महिला हाकी टीम ओलंपिक के सेमीफाइनल तक नहीं पहुंची थी. शुरुआती के मैच हारने के बाद टीम के सदस्यों को मनोबल काफी गिर गया था लेकिन संयम व धैर्य बनाए रखते हुए खिलाड़ियों ने काम किया. इस ओलंपिक में टीम के खिलाड़ी गुरजीत कौर, कप्तान रानी रामपाल, वंदना कटारिया और गोलकीपर सविता पुनिया ने बहुत ही अच्छा प्रदर्शन किया. साथ ही झारखंड की दोनों बेटियों का कहना कुछ ही था. खेल के दौरान सलीमा टेटे की खेलप्रेमियों ने काफी सराहना की. सलीमा में तेजी व चपलता बहुत ही अच्छी रही, जिसके कारण विपक्षी खेमे के खिलाड़ियों को काफी संघर्ष करना करना पड़ा, आसानी से भारतीय डिफेंस को भेद पानी आसान काम नहीं था. खेल के अनुरुप निक्की प्रधान ने भी प्रदर्शन किया. झारखंड की दोनों बेटियों पर देश को नाज है. मालूम हो कि टोक्यो ओलंपिक में झारखंड की तीन बेटियों ने हिस्सा लिया था. इन दोनों के अलावा तीरंदाजी में दीपिका कुमारी ने भाग लिया था. हालांकि, दीपिका का प्रदर्शन प्रतिष्ठा के अनुरुप नहीं रहा, लेकिन सलीमा टेटे व निक्की ने मन मोहा.




