रांची : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन राज्य में स्टार्टअप को बढ़ावा देने के प्रति गंभीर हैं. इसी के मद्देनजर 7 दिसंबर 2023 को हुई कैबिनेट बैठक में राज्य की नई झारखंड स्टार्टअप नीति 2023 को स्वीकृति मिली थी. अब झारखंड सरकार द्वारा राज्य में नई झारखंड स्टार्टअप पॉलिसी 2023 के अंतर्गत http://abvil.jharkhand.gov.in पोर्टल के माध्यम से नए स्टार्टअप आईडिया 4 फरवरी 2025 से प्रारंभ किया जा रहा है. जहां इस पोर्टल के माध्यम से एप्लिकेंट अपने आइडियाज़ दे सकेंगे. (नीचे भी पढ़ें)
राज्य में नई झारखंड स्टार्टअप नीति 2023 लागू है, जिसके सफल संचालन एवं क्रियान्वयन हेतु एबीवीआइएल का गठन कंपनीज एक्ट 2013 के तहत सेक्शन 8 के रूप में किया गया है. इस एजेंसी का कार्य राज्य में स्टार्टअप का चयन करना, स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा देना तथा पॉलिसी में प्रावधानित फिस्कल एवं नॉन फिस्कल इंसेंटिव्स का कॉमन इंसेंटिव डिसबर्समेंट गाइडलाइन के तहत क्रियान्वयन करना है. इस पॉलिसी के तहत ऑनलाइन डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाया गया है जिसका URL http://abvil.jharkhand.gov.in है, जिसके माध्यम से नई स्टार्टअप आईडिया को एप्लीकेंट द्वारा ऑनलाइन प्राप्त किया जाएगा तथा विभाग द्वारा स्टेट इवैल्यूएशन बोर्ड की बैठक बुलाकर स्टार्टअप की चयन प्रक्रिया दिनांक 4 फरवरी 2025 से प्रारंभ की जाएगी. (नीचे भी पढ़ें)
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने पुरानी स्टार्टअप पॉलिसी 2016 को रद्द करते हुए 7 दिसंबर 2023 को नई पॉलिसी (नई झारखंड स्टार्टअप नीति 2023) को स्वीकृति दी. कैबिनेट की स्वीकृति के बाद सूचना तकनीक एवं ई-गवर्नेंस विभाग ने इसे अधिसूचित कर दिया है. इसी के साथ 2016 में लागू नीति रद्द कर दी गई है. नई स्टार्टअप पालिसी अगले पांच साल के लिए लागू की गई है. इस दौरान (साल 2028 तक) राज्य में कम से कम एक हजार स्टार्टअप को विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है. इस अवधि तक राज्य में अनुकूल इकोसिस्टम तैयार कर अग्रणी 10 राज्यों में झारखंड को सम्मिलित करने का लक्ष्य रखा गया है.




