जमशेदपुर : सर्वदलीय टाना भगत कमिटी के अगुवाओं ने राजभवन में राज्यपाल, झारखण्ड से भेंटकर उन्हें आदिवासी समुदाय के महानायक, स्वतंत्रता सेनानी व टाना आंदोलन के प्रणेता जतरा टाना भगत की जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने हेतु औपचारिक आमंत्रण दिया. प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को अवगत कराया कि आगामी जतरा टाना भगत जयंती समारोह 28 सितम्बर को चिंगरी, बिशुनपुर (गुमला) में आयोजित किया जा रहा है. भेंटवार्ता के दौरान टाना भगतों ने राज्यपाल के समक्ष समुदाय की ऐतिहासिक भूमिका, आज के सामाजिक प्रश्नों तथा समारोह की महत्ता को विस्तार से साझा किया. इस अवसर पर उन्होंने जतरा टाना भगत के अमूल्य योगदान और उनके संघर्षों की स्मृतियों को संजोने की सामुदायिक प्रतिबद्धता को भी रेखांकित किया.(नीचे भी पढ़े)
राज्यपाल ने टाना भगत प्रतिनिधिमंडल का हार्दिक स्वागत करते हुए टाना भगत आंदोलन को भारतीय स्वतंत्रता संग्राम और सामाजिक न्याय की परंपरा का महत्वपूर्ण अध्याय बताया. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में आश्वासन दिया कि वे आगामी जतरा टाना भगत जयंती समारोह 28 सितम्बर, चिंगरी, बिशुनपुर में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर कार्यक्रम की गरिमा को बढ़ाएंगे. राज्यपाल के इस सकारात्मक आश्वासन से टाना भगत समुदाय में हर्ष और उत्साह का संचार हुआ है. सर्वदलीय टाना भगत कमिटी ने इसे सरकार और समाज दोनों की ओर से समुदाय की पहचान एवं संघर्षों के प्रति सम्मान का प्रतीक बताया है. समापन पर कमिटी के पदाधिकारियों ने राज्यपाल का आभार व्यक्त किया और विश्वास जताया कि आने वाला समारोह राज्य ही नहीं, पूरे देश भर के आदिवासी समाज के लिए ऐतिहासिक और प्रेरणादायी साबित होगा. आज मिलने वालों में जनार्दन टाना भगत, बहादुर टाना भगत, डा. सुशील उरांव, प्रमेश्वर टाना भगत व राजेश टाना भगत शामिल थे.



