
रांची : झारखंड सरकार ने वीकेंड लॉकडाउन (रविवार) को समाप्त कर दिया है. झारखंड सरकार के आपदा प्राधिकार समिति की बैठक के दौरान इस पर फैसला लिया गया. आपदा प्राधिकार समिति की बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष सह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उपाध्यक्ष सह स्वास्थ्य एवं आपदा मंत्री बन्ना गुप्ता ने किया. इस दौरान कई सारे फैसले लिये गये. इसके तहत वीकेंड लॉकडाउन को समाप्त करने का फैसला लिया गया. इसके अलावा रात 8 बजे जिन दुकानों को बंद करने का जो फैसला था, उन दुकानों को पूर्व में जैसे खुलते थे, वैसे ही खोलने की इजाजत दे दी गयी है. दुकान बंद करने की बाध्यता को समाप्त कर दी गयी है. सारी पाबंदियों को हटा दिया गया है. इसके अलावा धनतेरस, दिपावली, गोवर्धन पूजा और छठ पूजा को लेकर किसी तरह की पाबंदी नहीं लगायी गयी है. छठ पूजा नदी घाट और तालाबों में जाकर मनाने की इजाजत दी गयी है. सरकार की ओर से किसी तरह का पाबंदी नहीं लगायी गयी है. खेलकूद के सारे स्टेडियम को 50 फीसदी क्षमता के आधार पर खोलने की इजाजत दे दी गयी है. अगर किसी को मैच का आयोजन करना है तो उनको डीसी और एसडीओ को लिखित तौर पर जानकारी देनी होगी. इस मीटिंग के बाद इसकी जानकारी राज्य के स्वास्थ्य एवं आपदा मंत्री बन्ना गुप्ता ने प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि कोरोना की स्थिति को देखा जा रहा है. उन्होंने कहा कि अभी स्कूलों में जो पहले से कक्षा चल रहा था, वहीं रहेगा. 8वीं कक्षा से ऊपर की पढ़ाई हो सकेगी. बन्ना गुप्ता ने बताया कि बच्चों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखा गया है. कोचिंग इंस्टीच्यूट को लेकर फैसला लिया गया है कि अब किसी तरह का उम्र की बाध्यता नहीं होगी. पहले 18 साल के ऊपर के बच्चों को ही कोचिंग जाने की इजाजत थी, लेकिन अब इसकी उम्र की बाध्यता समाप्त हो गयी है और अब किसी भी उम्र के बच्चे को कोचिंग जाने की इजाजत होगी. कोचिंग संस्थानों को खोल दिया गया है. मेला, प्रदर्शनी पर रोक को बरकरार रखी गयी है. आंगनबाड़ी केंद्र के आइसीडीएस में सेविका महिलाओं को दोनों टीका लेने के बाद ड्यूटी पर आने की इजाजत दी गयी है. स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी बताया कि काली पूजा में भोग का वितरण होम डिलीवरी होगी. पंडालों से इसको नहीं बांटा जायेगा. स्वास्थ्य एवं आपदा मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा है कि कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ है. इस कारण दिपावली, धनतेरस और छठ घाट में कोरोना का ख्याल रखते हुए ही पर्व को मनाया जाये.





