
रांची : झारखंड सरकार ने लॉकडाउन में रियायत देने के फैसले के बाद आपदा प्रबंधन प्राधिकार की हुई बैठक के बाद राज्य के मुख्य सचिव सुखदेव सिंह के हस्ताक्षर से विस्तृत आदेश जारी कर दिया गया है. इसके तहत अगले आदेश तक यह फैसला लागू होगा. इसमें कहा गया है कि 200 से अधिक लोग किसी भी समारोह में नहीं जुटेंगे और स्थानीय उपायुक्त से बातचीत करने के बाद ही 200 से ज्यादा लोगों का जुटान हो सकता है. किसी भी तरह के इनडोर यानी कमरे के अंदर होने वाले कार्यक्रम में 200 से ज्यादा लोग शामिल नहीं होंगे या हॉल की क्षमता का 50 फीसदी होना जरूरी है. अगर इससे ऊपर जाना होगा तो उपायुक्त से इसकी मंजूरी लेना होगा. स्कूलों के संचालन के लिए जारी आदेश में कहा गया है कि रांची, पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर), देवघर, चतरा, सिमडेगा, सरायकेला-खरसावां और बोकारो जिले में क्लास 9 से लेकर 12 तक का क्लास स्कूलों में ऑफलाइन यानी बच्चे स्कूल आकर पढ़ाई कर सकेंगे जबकि कॉलेज भी खुलेंगे. अन्य सारे जिलों में कक्षा 1 से 12वीं तक की पढ़ाई होगी.
स्कूलों के संचालन के लिए यह नियम होगा :
इसके तहत यह आदेश दिया गया है कि सभी स्कूल में पढ़ाई सोशल डिस्टेंसिंग के साथ ही होगी, जो भारत सरकार का एसओपी है. सभी टीचर, स्कूलों के कर्मचारी और बच्चे मुंह और नाक को मास्क से ढंककर रखेंगे. इसमें यह भी कहा गया है कि डिजिटल कंटेंट और ऑनलाइन पढ़ाई को भी जारी रखा जाये. बच्चे अगर चाहे तो क्लास आकर पढ़ाई कर सकते है, अटेंडेंस को अनिवार्य नहीं रखा गया है. अगर बच्चे को स्कूल में क्लास के लिए बुलाना है तो बच्चों के अभिभावकों से इसकी रजामंदी लेना होगा. समूह में किस तरह का कोई सांस्कृतिक आयोजन नहीं होगा. जिन जिलों में जिस क्लास के बच्चों को आने की इजाजत दी गयी है, उस क्लास के बच्चों का ऑफलाइन परीक्षा लेने की इजाजत दी गयी है. शिक्षकों को डबल डोज वैक्सीन लेना अनिवार्य है. जिला प्रशासन को बच्चों और शिक्षकों से लेकर स्कूल से जुड़े लोगों की समय समय पर कोरोना जांच भी करते रहने को कहा गया है. स्कूल में एयर कंडिशनिंग का कोई इंतजाम नहीं हो और खुला हुआ कमरे में ही क्लास संचालित किया जाना चाहिए. शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की हाजिरी स्कूलों में ली जा सकती है. हॉस्टल की सेवा वैसे बच्चों को दी जायेगी, जिनको स्कूल आने की इजाजत है. इसी तरह कॉलेज और कोचिंग इंस्टीच्यूट को भी संचालित करने को कहा गया है. जिन जिलों में जिस कक्षा को संचालित करने को कहा गया है, उस जिले में उसी कक्षा के बच्चों का क्लास कोचिंग संस्थान में चलाने को कहा गया है. कॉलेजों में भी स्कूलों जैसा ही नियम है जबकि आइटीआइ, स्किल डेवलपमेंट और पोलिटेक्निक कॉलेजों में भी यहीं नियम लागू किया गया है. सभी ट्रेनिंग इंस्टीच्यूट का भी संचालन किया जा सकता है. भारत, राज्य सरकार से लेकर तमाम परीक्षाओं का संचालन करने की इजाजत दी गयी है, जिसमें भारत सरकार के एसओपी का पालन किया जायेगा.
जिम, पार्क, बार, रेस्टोरेंट, सिनेमा हॉल, दुकान और शॉपिंग मॉल के लिए नियम
नये नियम के तहत सारे जिम का संचालन करने को कहा गया है. जिम हर दिन संचालित हो सकेंगे. सभी तरह के सरकारी कार्यालयों को पूरी क्षमता के साथ संचालित करने को कहा गया है. सारे पार्क और टूरिस्ट प्लेस का संचालन को बंद रखने को कहा गया है. रेस्टोरेंट, बार, सिनेमा हॉल, दुकान, शॉपिंग मॉल में 50 फीसदी क्षमता के साथ संचालित होंगे. रेस्टोरेंट, बार, दवा दुकान, पेट्रोल पंप को छोड़कर शेष सारे दुकान और संस्थानों को रात 8 बजे बंद करने को कहा गया है. किसी तरह का जुलूस की इजाजत नहीं होगी. किसी तरह का मेला नहीं लगेगा. बिना मास्क के किसी भी संस्थान में इजाजत नहीं होगी, सिर्फ खाने पीने के समय लोग मास्क उतार सकते है. अगर इन नियमों का उल्लंघन होगा तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी.
मंदिरों, गिरजाघर, मसजिद समेत तमाम धार्मिक स्थल के लिए यह नियम होंगे
मंदिरो, गिरजाघर, मसजिद समेत तमाम धार्मिक स्थल के लिए भी नियम लागू किये गये है. कंटेनमेंट जोन में किसी भी धार्मिक स्थल को संचालित करने की इजाजत नहीं होगी. सामान्य क्षेत्रों के धार्मिक स्थलों में 100 लोग आ सकते है या धार्मिक स्थल के 50 फीसदी क्षमता पर लोग धार्मिक स्थल पर रह सकते है. सभी के बीच छह फीट की दूरी रखने को कहा गया है. किसी तरह का थूकने पर पाबंदी रहेगी. सोशल डिस्टेंसिंग के साथ धार्मिक स्थलों का संचालन होगी. धार्मिक स्थलों में जमावड़ा सोशल डिस्टेंसिंग के साथ होगा, इसके लिए मंदिरों में गोलाकार बनाने को कहा गया है, जहां भक्त खड़े होंगे. बैठने की व्यवस्था भी दूरी के साथ बनाया जाना चाहिए. अगर कोई विशेष आयोजन धार्मिक स्थलों में होगा तो इसकी जानकारी जिला प्रशासन को देना होगा. बिना मास्क के धार्मिक स्थलों में जाने की इजाजत नहीं होगी. किसी तरह की प्रार्थना के वक्त पुरोहितों को भी धार्मिक स्थलों में मास्क पहनना है जबकि घंटा, किताब, मूर्ति समेत अन्य कोई सामान को छूने पर पाबंदी रहेगी. किसी तरह का समूहिक गान या सामूहिक चीजों की इजाजत नहीं होगी. प्रसाद का वितरण नहीं किया जाना है. किसी तरह का जल या भोग प्रसाद का वितरण करने की इजाजत नहीं होगी. सारे भक्त अपने सामान लेकर आये और अपनी अराधना कर सकते है. पुजारियों या धर्मगुरुओं को भी सारे नियम पालन करना है. थर्मल स्क्रीनिंग सिस्टम और सैनिटाइजर का इंतजाम होना चाहिए. धार्मिक स्थलों में गाड़ियों में ही जूते-चप्पल खोलने की व्यवस्था करने को कहा गया है. पार्किंग एरिया में भी भीड़ नहीं हो, यह धार्मिक स्थलों के प्रशासन को सुनिश्चित करना है. जमीन की सफाई लगातार होना है और धार्मिक स्थलों का सैनिटाइजेशन होते रहना है. मास्क, ग्लब्स, फेस कवर समेत अन्य चीजों का सही तरीके से निष्पादन हो, इसकी कोशिश होनी चाहिए. किसी तरह का मेले के आयोजन पर पाबंदी रहेगी.
दुकानों के लिए यह नियम होंगे
दुकान के सारे कर्मचारी और दुकानदार मास्क पहने होंगे और दुकान में बिना मास्क के ग्राहकों की इंट्री करने नहीं दें, यह निर्देश दिया गया है. सारे कर्मचारी हैंड ग्लब्स पहनकर दुकानें में रहे और दुकानों का हर समय सैनिटाइजेशन होती रहे, यह सुनिश्चित करने को कहा गया है. साफ-सफाई के तहत दरवाजा, टेबुल, कुर्सी की लगातार सफाई और सैनिटाइजेशन हो, यह अनिवार्य है. अगर दुकानदार, कर्मचारी या किसी ग्राहक को खांसी, सर्दी या सांस लेने में दिक्कत है तो तत्काल उनकी इंट्री रोक दी जाये.



