रांची : राज्य में एक ओर जहां नई शराब नीति की बात चल रही है वहीं राज्य में लक्ष्य के अनुरुप शराब की बिक्री नहीं होने से हुए राजस्व नुकसान का आकलन शुरु हो गया है. उत्पाद व मद्य निषेेध विभाग ने इसकी प्रक्रिया शुरु कर दी है. संबंधित विभाग के महाप्रबंधक को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है. प्राप्त जानकारी के अनुसार राजस्व में हुए नुकसान का आकलन इस सप्ताह पूरा करने की बात कही जा रही है. इसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी. (नीचे भी पढ़ें)
विदित है कि राज्य में शराब बिक्री के लिए छत्तीसगढ़ मॉडल अपनाया गया था और छत्तीसगढ़ की एक कंपनी को यह काम भी सौंपा गया था. बताते चले कि राजस्व में हुए 500 करोड़ रुपए घाटे को लेकर एजेंसी पर 50 करोड़ का जुर्माना लगाया गया था. और अब अगर एजंसी एक सप्ताह के अंदर राशि जमा नहीं करती है तो उसपर सर्टिफिकेट केस किया जाएगा. साथ ही 15 मार्च के बाद से राज्य के खुदरा शराब विक्रेताओं का ऑडिट कार्य शुरु होगा. स्टॉक के मिलान के साथ साथ सेल पंजी की जांच भी होगी.



