
जमशेदपुर : भाजपा नेताओं द्वारा झारखंड के प्रवासी मजदूरों और छात्रों को वापस लाए जाने के नाम पर कल किए गए उपवास पर झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रदेश प्रवक्ता मनोज यादव ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे भाजपा नेताओं का नौटंकी करार दिया है. उन्होंने पूर्व की भाजपा सरकार और राज्य के पूर्व मुख्य सचिव पर जमकर निशाना साधते हुए कहा है, कि आज जिन मजदूरों और छात्रों के नाम पर भाजपा के नेता और कार्यकर्ता नौटंकी कर रहे हैं, वे जरा यह तो बताएं कि किसके कहने पर 11 लाख झारखंडी मजदूरों का राशन कार्ड निरस्त कर दिया गया था. उन्होंने पूर्व खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय के के उस बयान का जिक्र करते हुए भाजपा नेताओं से सवाल किया है कि जब राज्य के पूर्व खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय अपनी ही सरकार से गरीब मजदूरों का राशन कार्ड निरस्त न करने की अपील कर रहे थे, उस वक्त पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्य सचिव को गरीबों की चिंता क्यों नहीं हुई थी. उन्होंने बताया कि वर्तमान झारखंड सरकार को विरासत में पूरा खजाना खाली मिला था, बावजूद इसके झारखंड सरकार सीमित संसाधनों के बीच जिस तरह से इस वैश्विक महामारी के दौरान झारखंड के लोगों को राहत पहुंचाने का काम कर रही है वह काबिले तारीफ है. उन्होंने भाजपा नेताओं को नसीहत देते हुए कहा है कि आप अगर सराहना नहीं कर सकते तो कम से कम आलोचना भी ना करें. इस संकट की घड़ी में एकजुट होने की आवश्यकता है ना कि आलोचना और ओछी राजनीति करने की.






