
जमशेदपुर : 11 साल पहले दिल्ली के निर्भया के तर्ज पर जमशेदपुर में भी एक युवती हवस का शिकार हुई थी. उसका नाम था मौसमी चौधरी. पिछले 11 सालों से मौसमी को इंसाफ दिलाने के लिए उसकी मां न्यायालय का दरवाजा खटखटा रही है, लेकिन आज तक मौसमी के हत्यारों को सजा नहीं मिल सका है. जबकि इस मामले की जांच का जिम्मा सीबीआई के पास में है. वहीं सीबीआई को मौसमी की मां ने आड़े हाथ लिया और कहा सीबीआई बिकाऊ है और पूरे जांच में सीबीआई ही रोड़ा अटकाने का काम कर रही है.
साकची गोल चक्कर पर अपनी बेटी की इंसाफ के लिए धरने पर बैठी मां अपनी दु:खों का दास्तान बताते- बताते बेहोश होकर गिर गई. मौसमी की मां ने बताया कि उनकी बेटी की दुष्कर्म कर हत्या बिष्टुपुर के सोनेट होटल में कर दी गई थी. जिसमें टाटा स्टील के कई नामी-गिरामी अधिकारी और होटल के मालिक की संलिप्तता है, लेकिन आज तक सीबीआई इसका खुलासा नहीं कर सकी है. उन्होंने पीएम मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से अपनी बेटी के लिए इंसाफ मांगा है. वही मौसमी चौधरी के लिए इंसाफ की लड़ाई लड़ने वालों में रामाकांत ओझा भी शामिल हैं, जो शुरू से ही मौसमी चौधरी को इंसाफ दिलाने के लिए संघर्षरत हैं.
उन्होंने पूरे मामले के पीछे हाईप्रोफाइल लोगों का हाथ बताया और कहा सारे साक्ष्यों को सिलसिलेवार ढंग से रास्ते से हटा दिया गया है. जिसका जवाब ना तो सीबीआई के पास है और ना ही जमशेदपुर पुलिस के पास. आपको बता दें कि पेशे से एयर होस्टेस मौसमी चौधरी 11 साल पहले बिष्टुपुर के सोनेट होटल के कमरे में मृत पाई गई थी.
उसका इलाज करने वाले डॉक्टर प्रभात ने उस वक्त बताया था कि उसके शरीर के 14 हिस्सों में जख्म के निशान पाए गए थे. बाद में डॉ प्रभात की भी हत्या हो गई थी. जबकि डॉ प्रभात के हत्यारे की भी हत्या हो चुकी है. यानि सभी साक्ष्य गायब हो चुके हैं, ऐसे में जमशेदपुर की निर्भया को इंसाफ कैसे मिलेगा… मिलेगा भी या नहीं… यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा ! फिलहाल जमशेदपुर की निर्भया के लिए उसकी मां पिछले 11 सालों से इंसाफ की लड़ाई लड़ रही है.






