
जमशेदपुर/ चाईबासा: जमशेदपुर समेत कोल्हान क्षेत्र में लगातार दो दिनों से रुक रुककर हो रही बारिश ने पूरी तरह से जनजीवन को अस्त व्यस्त कर दिया है. शहरी क्षेत्र हो या ग्रामीण हर ओर जलजमाव नजर आ रहा है. कही-कही तो बारिश के कारण इलाके में इतना जलजमाव हो गया है कि लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है. लोग सिर्फ अपने घरो से जरुरी काम के लिए निकल रहे है. बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ गया है. इससे निचले इलाके में रहने वाले लोगों को सर्तक रहने के लिए कहा गया है. कई घरों मे बारिश का पानी घुस गया है. जिसे निकालने के लिए लोग जुटे हुए है. भुइयांडीह स्थित एक बस्ती में गलियों के संकीर्ण होने के कारण पानी की निकासी नही हो पाती है और जलजमाव हो जाता है. बारिश के कारण पिंगमेंट गेट के पास अंडरब्रिज के पास जलजमाव हो जाता है, कि वाहन चालकों को गाड़ी पार करना मुश्किल हो जाता है. इसी तरह पश्चिम सिंहभूम व सरायकेला खरसावां जिले में जोरदार बारिश की वजह से पूरे क्षेत्र मे जलजमाव हो गया. शहरी क्षेत्र हो या ग्रामीण हर दिशा में पानी ही पानी नजर आ रहा है.

इधर पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा के पाचांडो ,रांगुनिया, कुमारडूबी और बहुलिया गांव के बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है. इन गांव के किसान किसी तरह मेहनत कर अपनी खेत में धान की खेती की थी. मंगलवार की रात से लगातार हो रही बारिश से नदी, नाले के जल स्तर बढ़ गया है. पानी का बहाव खेतों की और होने से चारों गांव के दर्जनों किसान प्रभावित हुए है. धान की फसल पूरी तरह से पानी में डूबा हुआ है. ग्रामीणों के मुताबिक चारों गांव में 300-400 एकड़ जमीन में लगी धान की फसल पानी में डूबा हुआ है.पूरे कोल्हान में अगस्त माह के 25 दिन में 404.6 एमएम बारिश हुई. खेती बारी करने व गर्मी के सीजन में भी लोगों को पानी की कमी ना के बराबर होगी. मानसून के तीन महीने में बारिश का आंकड़ा औसत से 19 फीसदी अधिक है. एक रिपोर्ट के मुताबिक मानसून में कुल 807.6 एमएम बारिश होनी चाहिए, जबकि इस बार उससे अधिक 964.6 एमएम बारिश हुई है. जिससे किसानों के लिए रहात की बात है. साथ ही शहर के कई ऐसे इलाके भी जहां बारिश के दौरान लोगों को जल-जमाव से काफी परेशानी हो रही है. शहर के नदी-नाला का साफ-सफाई नहीं होने से जल-जमाव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है.

पश्चिम सिंहभूम जिले में मंगलवार देर शाम से हो रही लगातार जोरदार बारिश की वजह से पूरा क्षेत्र जलमग्न हो गया. साथ ही शहरी क्षेत्र हो या ग्रामीण हर क्षेत्र में पानी ही पानी नजर आ रहा है. लगातार हो रही बारिश से लोग अपने अपने घरों में दुबके रहे. वहीं जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है. लगातार बारिश से कई मिट्टी को घर गिर गए, जिसके कारण लोगों को रात किसी दूसरे के यहा गुजारनी पड़ी. ज्ञात हो कि बुधवार सुबह जैसे ही लोगों की आंखें खुली तो बाहर का नजारा और स्थिति देखकर लोग सकते में आ गए. कई घरों में पानी घुस गया. जिसे निकालने के लिए लोग काफी जेद्दोजहद करते नजर आए. चाईबासा, मझगांव, जगन्नाथपुर, नोवामुंडी, कुमारडुंगी, हॉटगम्हरिया, झींकपानी, खूंटपानी, जैंतगढ़, तांतनगर , मंझारी, बड़ाजामदा और मिनी काश्मीर के रूप में जाने जानी वाले किरीबुरू समेत अन्य जगहों में बरसात ने कोहराम मचा रखा है.

मझगांव उच्च विद्यालय के पास मझगांव बेनीसागर मुख्य सड़क की पुलिया के ऊपर से पानी बह रहा था. ऐसा नजारा पिछले 5- 7 सालों में देखने को नहीं मिला था. वही जगन्नाथपुर के कंसोलपोस नदी में 3 फीट ऊपर पानी भर गया था. बड़ाजामदा के कई घरों में पानी घुस चुका था. पूरा मोहल्ला जलमग्न नजर आ रहा था. डांगुवापोसी के सारंडा कॉलोनी में बरसात का पानी बाढ़ जैसा नजर आ रहा था. वही जगन्नाथपुर के बलियाडीह नदी स्थित पुराने पुलिया के 10 फीट ऊपर से पानी बह रहा था. चाईबासा का न्यू कॉलोनी, महूलसाही, टूंगरी, रेलवे कॉलोनी, गाड़ीखाना आदि क्षेत्रों में भी बरसात का पानी घर मोहल्ला में घुस चुका था, वही कई जगह सड़क के ऊपर से पानी गुजर रहा था. जिससे लोगों को आने जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. वही खेतों में लगी धान की फसल पूरी तरह डूब चुकी है. दूर से किसी भी क्षेत्र को देखने से पूरा क्षेत्र जलमग्न सा दिखाई पड़ रहा था. कृषि विभाग के अनुसार मंगलवार देर शाम से बुधवार सुबह तक जिला में 130 से लेकर 140 मिलीमीटर तक बारिश हुई. इसी प्रकार का मौसम अगले दो-तीन दिन तक बने रहने की उम्मीद विभाग ने जताई है.







