
Jamshedpur : संविधान बचाओ संघर्ष समिति की ओर से साकची स्थित एक रेस्टोरेंट में संवादाता सम्मेलन आयोजित किया गया जिसमे पत्रकारों से बात करते हुए समिति के कन्वेनर सैयद सैफुदिन असदक ने कहा कि एनआरसी बिल के माध्यम से देश को बांटने की कोशिश की जा रही है, वही पहली बार भारतीय संविधान के तहत एक ऐसा कानूनी बनाया गया जो नागरिकता को नागरिकता के धर्म से जोड़ता है. इस कानून के माध्यम से सरकार यह घोषित करना चाह रही है कि देश में मुस्लमानों को अलग कर दिया जाए. वहीं उन्होने सरकार पर आरोप लगाए कि देश की सरकार मूलभूत संरचना को बदलकर देश को हिंदू राष्ट्र घोषित करना चाहती है. जिसका विरोध सिर्फ मुसलमान ही नहीं बल्कि इस देश हिन्दू, सिख, ईसाई, आदिवासी, दलित, बुद्धिस्ट, जैन, लिंगायत और दीगर लोग कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस बिल के विरोध में आगामी 24 दिसंबर को मानगो गांधी मैदान से आमबागान मैदान तक एक विशाल जनाक्रोश मार्च निकाला जाएगा, जिसमें सभी धर्म के लोग शामिल होंगे. वहीं बिल वापस नहीं लेने पर पूरे झारखंड में रैली निकलने की बात कही. मौके परजमीयत उलेमा हिन्द के महासचिव हाफिज अनवर, मौलाना अकबर ऐनी, हाफिज हाशिम कादरी मिस्वाही, जमात ए इस्लामी हिन्द से जनाब अहमद रियाज तौहीद उल हसन,राष्ट्रीय सिख मोर्चा के जिला अध्यक्ष रोहित दीप सिंह दिनकर कच्छप, एससी-एसटी वेलफेयर समिति के अध्यक्ष गणेश राम, गणेश रॉय, रमेश मुखी मानव अधिकार कार्यकर्ता बकासुर रहमान, अहमद सिद्दीक, भीम आर्मी के जिला अध्यक्ष संजीव दास, बहुजन क्रांति मोर्चा के घाटशिला संयोजक सोरायी बास्के आदि शामिल थे.






